12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही Air India की फ्लाइट AI171 टेकऑफ़ के कुछ मिनटों बाद ही हादसे का शिकार हो गई। यह विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था, जिसमें कुल 242 लोग सवार थे।
हादसे के दौरान विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिरा, जिससे ज़मीन पर भी भारी नुकसान हुआ। इसमें 28 लोगों की जान चली गई, जिससे कुल मौतों की संख्या 269 तक पहुंच गई।
कितने लोग सवार थे और क्या हुआ?
Air India की फ्लाइट AI171 अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी, जिसमें 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य सवार थे। कुल मिलाकर विमान में 242 लोग मौजूद थे। टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद विमान तकनीकी खराबी के कारण नियंत्रण खो बैठा और मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयावह हादसे में 241 सवारियों की मौके पर ही मौत हो गई।
विमान का मलबा कई हिस्सों में बिखर गया और आसपास के क्षेत्र में भीषण आग लग गई। क्रैश का प्रभाव इतना तीव्र था कि राहत कार्य में शामिल टीमों को शवों को निकालने में घंटों का समय लगा। यह दुर्घटना भारतीय विमानन इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बन गई।
ज़मीन पर भी भारी नुकसान
जहां पर विमान गिरा, वह क्षेत्र एक सरकारी मेडिकल कॉलेज का हॉस्टल था। हादसे के समय हॉस्टल में कई छात्र पढ़ाई और विश्राम कर रहे थे। अचानक हुए इस विस्फोटक टकराव के कारण भवन की ऊपरी मंजिलें पूरी तरह ढह गईं।
इस हादसे में 28 ज़मीनी नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई, जिनमें अधिकांश कॉलेज छात्र थे। इसके अलावा कई लोग घायल भी हुए, जिन्हें तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इससे यह दुर्घटना केवल विमान में सवार लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ज़मीन पर मौजूद निर्दोष लोगों को भी अपनी चपेट में ले गई।
चमत्कारिक रूप से एक यात्री बच
हालांकि हादसा बेहद भीषण था, लेकिन एक व्यक्ति की जान चमत्कारिक रूप से बची। उसका नाम विश्वास कुमार रमेश बताया जा रहा है, जो ब्रिटेन का निवासी है और फ्लाइट में सीट 11A पर बैठा था। विमान के पिछले हिस्से में बैठने और सीट बेल्ट पहने रहने के कारण उसे मामूली चोटें आईं।
उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और अस्पताल में मनोवैज्ञानिक व चिकित्सकीय देखरेख की जा रही है। इस घटना के बाद वह हादसे का एकमात्र जीवित गवाह बन गया है, जिससे जांच एजेंसियां कई अहम जानकारियाँ एकत्र कर रही हैं।
अब तक का सबसे बड़ा विमान हादसा
AI171 की यह दुर्घटना बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के इतिहास की पहली पूर्ण हानि (Total Hull Loss) वाली घटना बन गई है। इससे पहले ड्रीमलाइनर विमानों में ऐसी कोई प्राणघातक घटना दर्ज नहीं की गई थी।
यह दुर्घटना न केवल तकनीकी रूप से बोइंग के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि भारतीय विमानन सुरक्षा मानकों के लिए भी चेतावनी है। यह हादसा 1996 के मिड-एयर कोलिजन के बाद भारत की सबसे बड़ी विमानन त्रासदी के रूप में दर्ज हो गया है।
सरकार और विमानन मंत्रालय ने हादसे की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और विशेषज्ञ टीमें डाटा की समीक्षा कर रही हैं ताकि दुर्घटना का सटीक कारण पता लगाया जा सके।
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