वैश्विक पहचान दिलाने वाले इस दिवस की शुरुआत 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी और तब से यह हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की थीम ‘Yoga for Self and Society’ निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, शिक्षण संस्थान, और योग संगठन इस दिन विशेष आयोजन करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 को लेकर केंद्र सरकार द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन किसी विशेष स्थल से देश को संबोधित करेंगे और सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेंगे। वहीं, स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, और नगर निकायों में भी योग सत्र आयोजित होंगे।
भारत के साथ-साथ अमेरिका, फ्रांस, जापान, नेपाल जैसे देशों में भी भारतीय दूतावासों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस बार ‘My Yoga, My Heritage’ नाम से एक डिजिटल अभियान भी शुरू किया है, जिसमें नागरिकों को योग करते हुए वीडियो साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
योग दिवस को सफल बनाने के लिए रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट, पार्क और सरकारी संस्थानों में योग अभ्यास की तैयारी की जा रही है। शिक्षण संस्थानों में बच्चों को योग से जोड़ने के लिए प्रतियोगिताएं, पोस्टर प्रदर्शनी और सामूहिक योगाभ्यास की रूपरेखा भी तय की जा चुकी है।
इस दिवस का उद्देश्य सिर्फ एक दिन योग करना नहीं है, बल्कि इसे जीवनशैली में शामिल करने का संदेश देना है। योग से शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर लाभ मिलते हैं, और यही इसका वैश्विक महत्व है।
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