त्योहारों पर घर पहुंचना हर साल एक चुनौती बन जाता है. इसी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दशहरा दिवाली स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है. सोलापुर रेल मंडल से जुड़ी इस घोषणा में तीन रूट पर कुल 102 फेरे शामिल हैं. आइए समझते हैं कि ये ट्रेनें किसके काम की हैं और सफर की योजना कैसे बनाएं.
दशहरा दिवाली स्पेशल ट्रेन की बुकिंग कब और कहां
इन ट्रेनों की बुकिंग 27 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है. फिलहाल टिकट IRCTC वेबसाइट, RailOne ऐप और रेलवे आरक्षण केंद्रों पर मिल रहे हैं. ट्रेनें 10 अक्टूबर से 24 नवंबर के बीच चलेंगी. इन पर स्पेशल चार्ज लगेगा, इसलिए किराया नियमित ट्रेनों से अलग हो सकता है.
इन स्पेशल ट्रेनों के बारे में 4 बातें
- तीन रूट: मुंबई-चेन्नई बीच, मुंबई-लातूर और कोल्हापुर-कलबुर्गी.
- फेरों का बंटवारा: 12, 26 और 64, यानी कुल 102.
- सबसे लंबी अवधि: मुंबई-लातूर ट्रेन, जो 24 नवंबर तक चलेगी.
- ताज़ा समय: NTES पोर्टल और RailOne ऐप पर मिलेगा.
त्योहारों पर रेलवे स्पेशल ट्रेनें क्यों चलाता है
दरअसल, दशहरा, दिवाली और छठ के आसपास लाखों लोग एक साथ घर लौटते हैं. इसलिए नियमित ट्रेनों में सीटें हफ्तों पहले भर जाती हैं. ऐसे में रेलवे हर साल अलग-अलग ज़ोन और मंडल से अतिरिक्त ट्रेनें चलाता है.
यही वजह है कि यह घोषणा पूरे देश की नहीं, बल्कि एक खास इलाके की है. इसके बाद दूसरे ज़ोन भी अपने रूट के लिए ऐसी सूचनाएं जारी करते हैं. इसलिए अपने शहर की ट्रेन के लिए अपने ज़ोन की घोषणा पर नज़र रखें.
तीनों ट्रेनों की तुलना: कौन सी ट्रेन किसके लिए
लंबी दूरी के लिए: मुंबई-चेन्नई बीच
यह हफ्ते में एक बार चलने वाली ट्रेन है. मुंबई से बुधवार तड़के 00:35 बजे निकलती है. वहीं चेन्नई बीच से वापसी गुरुवार सुबह 04:00 बजे है. पुणे, सोलापुर, गुंतकल और रेनिगुंटा के रास्ते यह महाराष्ट्र को तमिलनाडु से जोड़ती है. हर दिशा में 6 फेरे होंगे.
मराठवाड़ा के लिए: मुंबई-लातूर
मराठवाड़ा यानी महाराष्ट्र के लातूर जैसे ज़िलों के लोग मुंबई में बड़ी संख्या में काम करते हैं. ऐसे में उनके लिए यह ट्रेन हफ्ते में दो बार, मंगलवार और गुरुवार को चलेगी. मुंबई से रात 00:35 बजे चलकर यह सुबह 11:40 बजे लातूर पहुंचेगी. इसके बाद वापसी शाम 16:30 बजे होगी.
रोज़ के सफर के लिए: कोल्हापुर-कलबुर्गी
फिलहाल यह घोषणा की सबसे व्यस्त ट्रेन है, जिसके हर दिशा में 32 फेरे हैं. शुक्रवार छोड़कर यह रोज़ चलेगी. कोल्हापुर से सुबह 06:10 बजे निकलकर यह शाम 16:10 बजे कलबुर्गी पहुंचेगी. वापसी शाम 18:10 बजे है.
वेटिंग टिकट मिले तो क्या करें
अगर दशहरा दिवाली स्पेशल ट्रेन में भी वेटिंग टिकट मिले, तो घबराएं नहीं. सबसे पहले रोज़ PNR स्टेटस देखें. इसके अलावा यात्रा की तारीख में एक-दो दिन का लचीलापन रखें. खास तौर पर बड़े परिवार टिकट को दो हिस्सों में बांटकर भी देख सकते हैं. वहीं रद्द करने और रिफंड के नियम बुकिंग के समय ही पढ़ लें. इस तरह आखिरी वक्त की भागदौड़ से बचा जा सकता है.
रात 00:35 वाली ट्रेन में तारीख का भ्रम कैसे न हो
दो ट्रेनें रात 00:35 बजे चलती हैं. रेलवे की भाषा में यह अगले दिन का समय है. उदाहरण के लिए, बुधवार 00:35 की ट्रेन असल में मंगलवार की रात को पकड़नी होगी. इसलिए टिकट पर लिखी तारीख और समय को ध्यान से पढ़ें. हर साल कई यात्री इसी भ्रम में ट्रेन छोड़ देते हैं.
अपने रूट की दशहरा दिवाली स्पेशल ट्रेन कैसे खोजें
सबसे पहले IRCTC या RailOne पर अपने स्टेशन और तारीख डालें. इसके बाद सूची में “स्पेशल” वाली ट्रेनें देखें. साथ ही NTES पोर्टल पर ट्रेन का रूट और रुकने वाले स्टेशन जांचें. आखिर में रेलवे के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल भी देखें, जहां नई घोषणाएं सबसे पहले आती हैं.
त्योहारी सफर की योजना: एक हफ्ते पहले से
- टिकट मिलते ही पहचान पत्र की कॉपी फोन में सेव करें.
- पानी की बोतल और हल्का खाना साथ रखें.
- कीमती सामान और नकदी अलग-अलग बैग में रखें.
- भीड़ वाले स्टेशन पर प्लेटफॉर्म जल्दी पहुंचें.
- बच्चों की जेब में घर का पता और एक फोन नंबर लिखकर रखें.
छत्तीसगढ़ के पाठक किस बात का ध्यान रखें
हालांकि ये ट्रेनें छत्तीसगढ़ से होकर नहीं जातीं. फिर भी पुणे या मुंबई में काम करने वाले यहां के युवा इनसे सोलापुर या कलबुर्गी तक का सफर आसान बना सकते हैं. वहीं रायपुर, बिलासपुर या दुर्ग की स्पेशल ट्रेनों के लिए अपने ज़ोन की अलग घोषणा का इंतज़ार करें.
दशहरा दिवाली स्पेशल ट्रेन पर पाठकों के सवाल
क्या इन ट्रेनों में सामान्य ट्रेनों जैसा ही किराया है?
नहीं, घोषणा के मुताबिक टिकट स्पेशल चार्ज पर मिलेगा. इसलिए बुकिंग के समय स्क्रीन पर दिख रहा किराया ही अंतिम मानें.
क्या आगे और स्पेशल ट्रेनें आ सकती हैं?
आमतौर पर त्योहार नज़दीक आते ही रेलवे और ट्रेनें जोड़ता है. इसलिए आधिकारिक घोषणाओं पर नज़र रखें.
नोट: ट्रेनों की तारीख, समय और किराया बदल सकता है. यात्रा से पहले IRCTC, RailOne ऐप या NTES पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जांचें.
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