रायपुर में आयोजित युवा कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से खुलकर संवाद भी किया। उन्होंने आज की जनधारा की साहित्यिक वार्षिकी का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी बात साहस के साथ रखें। साथ ही, नई सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास करें।
नई सोच और नवाचार को आगे बढ़ाने का संदेश
युवा कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने अवसरों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने संभावनाओं का नया संसार है। ऐसे में युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचाननी चाहिए। उन्हें बड़े लक्ष्य तय करके आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने नवाचार, स्टार्टअप और तकनीक का भी उल्लेख किया। उन्होंने खेल और कला के क्षेत्र में युवाओं की उपलब्धियां बताईं। उनके अनुसार, युवा विकसित छत्तीसगढ़ में भूमिका निभा सकते हैं।
प्रकृति और संस्कृति से जुड़े रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा का उल्लेख किया। उन्होंने प्रदेश के जंगल, पहाड़ और जलप्रपातों की चर्चा की। गांवों और लोकजीवन को भी प्रदेश की पहचान बताया।
उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने को कहा। भाषा, बोली और लोककला की विरासत को संभालना जरूरी बताया। सादरी और अन्य बोलियों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
पोषण और जनभागीदारी पर भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने पर्यावरण और पोषण से जुड़े संदेशों की चर्चा की। इस दौरान हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान का जिक्र हुआ।
उन्होंने मुनगा को स्थानीय पोषण का सहज स्रोत बताया। जनभागीदारी से इसे घरों तक पहुंचाने पर जोर दिया। इससे सुपोषित छत्तीसगढ़ के प्रयास मजबूत हो सकते हैं।
संघर्ष से सीख लेने का युवाओं को संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारियां संभालने की बात कही। खेती के साथ परिवार की जिम्मेदारियां निभाने का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि मुश्किल समय से घबराना नहीं चाहिए। मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए। संघर्ष व्यक्ति को नई राह तलाशने की सीख देता है।
कला और संस्कृति पर पीयूष मिश्रा की प्रस्तुति
कार्यक्रम में अभिनेता और कलाकार पीयूष मिश्रा भी शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति की सराहना की। उन्होंने पद्म विभूषण तीजन बाई के योगदान को याद किया।
तीजन बाई ने पंडवानी को व्यापक पहचान दिलाई। उन्होंने महाभारत के पात्रों को प्रभावी अंदाज में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पीयूष मिश्रा ने ‘आरंभ है प्रचंड’ गीत भी प्रस्तुत किया।
युवा प्रतिभाओं को सम्मान से मिला प्रोत्साहन
युवा कॉन्क्लेव में अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मान मिला। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित युवाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को प्रेरणादायक बताया।
उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार समाज तक पहुंचने चाहिए। उनकी उपलब्धियों से दूसरे युवाओं को भी प्रेरणा मिलती है। इससे नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
साहित्यिक वार्षिकी का हुआ विमोचन
कार्यक्रम में आज की जनधारा की साहित्यिक वार्षिकी-2026 जारी की गई। यह विमोचन मीडिया समूह की 36वीं वर्षगांठ पर हुआ। समारोह में कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के सलाहकार कृष्णा दास भी कार्यक्रम में शामिल हुए। विशेष सचिव रजत बंसल की भी उपस्थिति रही। प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
युवाओं की रचनात्मकता पर रहेगा भविष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रदेश की बड़ी शक्ति हैं। उनकी ऊर्जा और रचनात्मकता से नए अवसर बन सकते हैं। साथ ही, नई सोच को पहचान देना जरूरी है।
युवा कॉन्क्लेव जैसे आयोजन संवाद का मंच उपलब्ध कराते हैं। यहां युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। ऐसे मंच विचारों और उपलब्धियों को सामने लाते हैं।
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