छत्तीसगढ़ में आंगन मिलन सेवा की शुरुआत उत्साह के साथ हुई। पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में कई गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रदेश के 2,262 स्थानों पर 12,698 आयोजन हुए। इनमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मुंगेली के मदकू पहुंचे। उन्होंने वहां आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने माताओं और बच्चों के पोषण पर जोर दिया। उन्होंने समुदाय की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।
पोषण को लेकर परिवारों से हुआ संवाद
आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। स्थानीय खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें दालें और हरी सब्जियां प्रमुख रूप से शामिल रहीं। परिवारों को संतुलित भोजन की जानकारी दी गई।
सुपोषित थाली के जरिए पोषण संबंधी जानकारी साझा की गई। महिलाओं को भोजन में विविधता रखने के बारे में बताया गया। इससे माताओं और बच्चों के पोषण पर ध्यान बढ़ाने का संदेश दिया गया।
माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर जोर
कार्यक्रम में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया। उन्होंने पोषण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मातृ स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई।
आंगनबाड़ी केंद्रों को परिवारों से जोड़ने पर जोर दिया गया। इससे बच्चों के पोषण को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का प्रयास हुआ। समुदाय की भागीदारी को इस पहल का अहम हिस्सा बनाया गया।
योजनाओं के लाभ की जानकारी साझा की
कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाएं भी शामिल हुईं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थियों ने भी अनुभव साझा किए। महिलाओं ने योजनाओं से मिली सहायता की जानकारी दी।
लाभार्थियों के अनुसार, आर्थिक सहायता से परिवार की जरूरतें पूरी करने में मदद मिली। इससे माताओं और परिवारों को आवश्यक सहयोग मिल रहा है। योजनाओं की जानकारी भी कार्यक्रमों के जरिए साझा की गई।
आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ रहा समुदाय
आंगन मिलन सेवा के जरिए परिवारों और समुदाय को जोड़ा गया। आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानीय स्तर पर संवाद का माध्यम बनाया गया। यहां पोषण और मातृ स्वास्थ्य पर बातचीत हुई।
साथ ही, स्थानीय खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया गया। परिवारों को संतुलित और विविध भोजन की जानकारी दी गई। बच्चों के बेहतर पोषण के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया।
पहले दिन दिखी व्यापक जनभागीदारी
पहले दिन आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। 2,262 स्थानों पर हुए आयोजनों ने इसकी व्यापकता दिखाई। कुल 12,698 गतिविधियों के जरिए अलग-अलग विषयों पर संवाद हुआ।
97,471 लोगों की सहभागिता कार्यक्रम की पहुंच को दर्शाती है। आगे भी ऐसी गतिविधियों से समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। आंगन मिलन सेवा के जरिए पोषण संबंधी जागरूकता को आगे बढ़ाया जा रहा है।