मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को मुंगेली जिले के ऐतिहासिक मदकूद्वीप पहुंचे। उन्होंने यहां प्राचीन रामाश्रय और गणेश मंदिर में विधि-विधान से पूजा की। मदकूद्वीप मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत बेहद समृद्ध है। मदकूद्वीप में इतिहास, आस्था और प्रकृति का सुंदर संगम दिखाई देता है। उन्होंने ऐसे स्थलों को नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कन्या पूजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित कन्या पूजन में हिस्सा लिया। उन्होंने कन्याओं का पूजन किया और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री कन्या भोज में भी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप माना जाता है। कन्या पूजन मातृशक्ति के प्रति सम्मान और श्रद्धा की अभिव्यक्ति है।
मदकूद्वीप मंदिर में पूजा के बाद मांगी खुशहाली
पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्रगति की कामना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख और शांति की प्रार्थना की। साथ ही समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थल लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं। इन स्थलों की विरासत को सुरक्षित रखना जरूरी है। इससे आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास को करीब से समझ सकेंगी।
मंदिर संग्रहालय का भी किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने मदकूद्वीप में स्थित मंदिर संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने संग्रहालय में रखी पुरातात्विक सामग्री की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें ऐतिहासिक अवशेषों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर कई महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल मौजूद हैं। इनकी पहचान और संरक्षण सांस्कृतिक दृष्टि से जरूरी है।
ऐतिहासिक विरासत से परिचित होंगे युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरें केवल पुराने अवशेष नहीं हैं। ये समाज को उसकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ती हैं। इसलिए इनके संरक्षण पर निरंतर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने मदकूद्वीप को इतिहास और आध्यात्मिकता से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल बताया। यहां आने वाले लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक जानकारी भी मिलती है।
मदकूद्वीप मंदिर से जुड़ी विरासत पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्राचीन विरासत को संरक्षित करना जरूरी है। ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण से पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिलती है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी विरासत की जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए संग्रहालय और ऐतिहासिक स्थल उपयोगी माध्यम बन सकते हैं।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित अन्य मंत्री भी उपस्थित रहे।
पूर्व राज्यपाल रमेश बैस और कई विधायक भी कार्यक्रम में पहुंचे। क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी सहित अधिकारी और नागरिक भी मौजूद रहे।
धार्मिक आस्था के साथ विरासत संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री के मदकूद्वीप दौरे में धार्मिक आस्था और विरासत संरक्षण दोनों विषय प्रमुख रहे। पूजा के साथ संग्रहालय का अवलोकन भी किया गया। उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
मदकूद्वीप मंदिर में पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली की कामना की। कन्या पूजन में शामिल होकर उन्होंने मातृशक्ति के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें
- मुख्यमंत्री ने रामाश्रय मंदिर में पूजा की।
- गणेश मंदिर में भी विधि-विधान से पूजा हुई।
- कन्या पूजन और कन्या भोज में मुख्यमंत्री शामिल हुए।
- मंदिर संग्रहालय का अवलोकन किया गया।
मदकूद्वीप की विरासत से जुड़े पहलू
- यहां धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थल हैं।
- मंदिर परिसर में पुरातात्विक सामग्री संरक्षित है।
- इतिहास और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने पर जोर दिया गया।
- विरासत संरक्षण को महत्वपूर्ण बताया गया।
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