छत्तीसगढ़ को आयुष्मान भारत सम्मान मिला है। राज्य को पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के बेहतर निराकरण के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान नई दिल्ली में आयोजित आरोग्य मंथन 2026 में मिला।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में आयुष्मान भारत योजना की प्रगति पर चर्चा हुई।
केंद्र सरकार के अनुसार, AB-PMJAY सभी 36 राज्यों में लागू है। यह योजना केंद्र शासित प्रदेशों में भी संचालित है।
पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण में उपलब्धि
छत्तीसगढ़ को आयुष्मान भारत सम्मान पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के लिए मिला। इस सुविधा से दूसरे राज्य में इलाज आसान होता है। पात्र लाभार्थी देश के अन्य हिस्सों में उपचार करा सकते हैं।
योजना से जुड़े अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है। इससे दूसरे राज्यों में रहने वाले परिवारों को राहत मिलती है। प्रवासी श्रमिकों के लिए यह सुविधा खास तौर पर उपयोगी है।
रोजगार के कारण कई लोग अपने गृह राज्य से बाहर रहते हैं। ऐसे लोगों को इलाज के लिए राज्य लौटना जरूरी नहीं होता। वे पात्रता के अनुसार दूसरे राज्य में इलाज करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग को बधाई दी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने पात्र लोगों को समय पर उपचार मिलने की बात कही।
उनके अनुसार, आयुष्मान भारत सम्मान सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इसमें चिकित्सकों और अस्पतालों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाना है। साथ ही, क्लेम प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी किया जा रहा है।
दूसरे राज्यों में इलाज के लिए पोर्टेबिलिटी सुविधा
आयुष्मान भारत योजना में पोर्टेबिलिटी एक महत्वपूर्ण सुविधा है। इसके जरिए लाभार्थी दूसरे राज्यों में उपचार ले सकते हैं।
पात्र लाभार्थियों को संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज मिलता है। इससे उपचार के दौरान आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिलती है।
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2026 तक 29.05 लाख अंतर-राज्यीय अस्पताल प्रवेश अधिकृत हुए। इनकी अधिकृत राशि 8,383.97 करोड़ रुपये से अधिक रही।
पोर्टेबिलिटी सुविधा से जुड़े प्रमुख बिंदु:
- लाभार्थी दूसरे राज्य में उपचार करा सकते हैं।
- संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज मिलता है।
- प्रवासी श्रमिकों को सुविधा का लाभ मिलता है।
- क्लेम प्रक्रिया तकनीकी व्यवस्था से जुड़ी है।
क्लेम प्रोसेसिंग और निगरानी पर जोर
राज्य में क्लेम प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा रहा है। इसके लिए तकनीकी निगरानी बढ़ाई जा रही है।
अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय पर भी जोर है। लंबित मामलों के जल्द निराकरण की कोशिश की जा रही है।
आयुष्मान भारत सम्मान मिलने के बाद व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा। इससे लाभार्थियों को कम परेशानी होने की उम्मीद है।
क्लेम प्रक्रिया में पारदर्शिता को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, समयबद्ध निपटारे पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया सामूहिक प्रयास
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों तक योजना पहुंचाना प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी काम जारी है।
मंत्री ने क्लेम प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की बात कही। उन्होंने समयबद्ध प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया।
आयुष्मान भारत योजना से जुड़े प्रमुख तथ्य:
- AB-PMJAY सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है।
- योजना में अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी की सुविधा उपलब्ध है।
- 30 जून 2026 तक 29.05 लाख प्रवेश अधिकृत हुए।
- इन मामलों की अधिकृत राशि 8,383.97 करोड़ रुपये से अधिक रही।
डिजिटल तकनीक से मजबूत होगा स्वास्थ्य तंत्र
आरोग्य मंथन 2026 में डिजिटल हेल्थ पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के उपयोग पर जोर दिया गया।
क्लेम प्रोसेसिंग को तकनीक से बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य डेटा के सुरक्षित उपयोग पर भी ध्यान दिया गया।
केंद्र सरकार के अनुसार, सितंबर 2026 तक 97.8 करोड़ से अधिक ABHA बने हैं। वहीं, 121 करोड़ से ज्यादा स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में भी तकनीकी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की प्रक्रिया और आसान हो सकती है।
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