दिवाली से पहले घर की सफाई हमारी परंपरा है. मान्यता है कि साफ घर में ही लक्ष्मी का वास होता है. पर पूरे घर की सफाई थका देने वाला काम भी है. अच्छी बात यह है कि कुछ दिवाली क्लीनिंग हैक्स से यह मेहनत आधी हो सकती है. इनके लिए बाज़ार के महंगे क्लीनर की ज़रूरत नहीं. रसोई का बेकिंग सोडा, सिरका, नींबू और नमक ही काफी है.
कम मेहनत में सफाई का मूल मंत्र
सफाई जल्दी शुरू करें और रोज़ थोड़ा-थोड़ा करें. पहले बेकार सामान हटाएं, फिर ऊपर से नीचे की ओर साफ करें. चिकनाई के लिए बेकिंग सोडा का पेस्ट, कांच के लिए सिरका-पानी और पीतल के लिए नींबू-नमक इस्तेमाल करें. ब्लीच को कभी दूसरे क्लीनर के साथ न मिलाएं.
सफाई की चार सुनहरी बातें
1. सबसे पहले फालतू सामान निकालें. कम सामान यानी कम सफाई.
2. हमेशा ऊपर से नीचे की ओर साफ करें.
3. एक दिन में एक ही कमरा या हिस्सा पूरा करें.
4. परिवार के हर सदस्य को छोटा काम सौंपें.
रसोई के लिए दिवाली क्लीनिंग हैक्स
तेल जमी टाइल्स और स्लैब
बेकिंग सोडा और पानी का गाढ़ा पेस्ट बनाएं. चिकनाई वाली जगह पर लगाकर 10 से 15 मिनट छोड़ें. फिर गीले स्पंज से रगड़ें. आखिर में साफ कपड़े से पोंछ दें.
चिमनी और एग्ज़ॉस्ट फैन
फिल्टर को गर्म पानी, बेकिंग सोडा और बर्तन धोने के साबुन में भिगोएं. एक-दो घंटे बाद ब्रश से साफ करें. एग्ज़ॉस्ट फैन साफ करने से पहले उसका प्लग निकाल दें.
स्टील के बर्तन और सिंक
स्टील के सिंक पर बेकिंग सोडा छिड़कें और स्क्रब से रगड़ें. धोने के बाद सूखे कपड़े पर एक-दो बूंद खाने का तेल लगाकर पोंछें. सिंक चमक उठेगा.
फ्रिज की बदबू
फ्रिज खाली करके गर्म पानी और थोड़े बेकिंग सोडा से पोंछें. सफाई के बाद एक खुली कटोरी में बेकिंग सोडा रख दें. यह बदबू सोख लेता है.
बैठक और कमरों के लिए उपाय
पंखे और लाइट
पुराने तकिये का कवर पंखे की पंखुड़ी पर चढ़ाकर धूल साफ करें. लाइट और झूमर साफ करने से पहले बिजली बंद करें. ठंडे बल्ब को सूखे कपड़े से ही पोंछें.
पर्दे और कुशन कवर
पर्दे उतारकर धोएं. भारी पर्दे हों तो पहले धूप में झाड़ लें. कुशन कवर धोने से पहले लेबल पर लिखे निर्देश पढ़ें.
कांच की खिड़कियां और शोकेस
पानी और सिरके का बराबर घोल बनाएं. स्प्रे करके माइक्रोफाइबर कपड़े या पुराने अखबार से पोंछें. धारियां नहीं पड़ेंगी.
पूजा घर की सफाई
पीतल और तांबे के बर्तन
नींबू पर नमक लगाकर रगड़ें. या फिर इमली के गूदे से साफ करें. यह हमारे घरों का पुराना तरीका है. बाद में साफ पानी से धोकर तुरंत सुखा लें, वरना दाग पड़ सकते हैं.
चांदी के सिक्के और मूर्तियां
हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा बेकिंग सोडा घोलें. मुलायम कपड़े से हल्के हाथ से पोंछें. ज़्यादा रगड़ने से नक्काशी खराब हो सकती है.
बाथरूम की सफाई
टाइल्स के बीच जमे काले दाग पर बेकिंग सोडा का पेस्ट लगाएं और पुराने टूथब्रश से रगड़ें. नल पर जमे सफेद दाग पर सिरके में भीगा कपड़ा लपेटकर आधा घंटा छोड़ दें. फिर पोंछ लें.
निकले हुए सामान का क्या करें
सफाई में हर साल बहुत सा ऐसा सामान निकलता है, जो सालों से इस्तेमाल नहीं हुआ. इसे फिर से अलमारी में ठूंसने की जगह सही जगह पहुंचाएं.
- अच्छे कपड़े, जूते और कंबल ज़रूरतमंद परिवारों या संस्थाओं को दें.
- बच्चों की पुरानी किताबें पास के स्कूल या पुस्तकालय में दान करें.
- पुराने मोबाइल, चार्जर और बैटरी को ई-कचरा संग्रह केंद्र पर दें. इन्हें सामान्य कूड़े में न फेंकें.
- अखबार, गत्ते और प्लास्टिक की बोतलें कबाड़ी को देकर रीसाइक्लिंग में मदद करें.
बच्चों को भी बनाएं साथी
सफाई को सज़ा की जगह खेल बनाइए. बच्चों को उम्र के हिसाब से छोटे काम दें. जैसे अपनी किताबें जमाना, खिलौने छांटना या पौधों में पानी देना. काम पूरा होने पर उन्हें दीया सजाने या रंगोली बनाने का मौका दें. इससे वे ज़िम्मेदारी भी सीखते हैं और त्योहार की तैयारी में खुशी से जुड़ते हैं. केमिकल वाले काम हमेशा बड़े ही करें.
ये गलतियां न करें
- ब्लीच को सिरके, अमोनिया या दूसरे केमिकल के साथ मिलाना खतरनाक है. इससे ज़हरीली गैस बन सकती है.
- संगमरमर या ग्रेनाइट पर सिरका और नींबू न लगाएं. इनकी चमक खराब हो सकती है.
- बिजली के बोर्ड को गीले कपड़े से न पोंछें.
- कमज़ोर स्टूल पर चढ़कर ऊंचाई पर काम न करें.
- बंद कमरे में तेज़ केमिकल का इस्तेमाल न करें. खिड़कियां खुली रखें.
तीन हफ्ते का आसान शेड्यूल
पहला हफ्ता: बेकार सामान छांटना, अलमारी और स्टोर रूम.
दूसरा हफ्ता: रसोई, बाथरूम, पंखे, खिड़की और जाली.
तीसरा हफ्ता: पर्दे, सोफा, पूजा घर, फर्श और सजावट.
इस तरह आखिरी दिनों में सिर्फ हल्का काम बचेगा. त्योहार की खरीदारी और मेहमानों के लिए भी समय मिल जाएगा.
अस्वीकरण: ये सुझाव सामान्य घरेलू सफाई के लिए हैं. किसी भी घोल को नाज़ुक या महंगी सतह पर पूरी तरह लगाने से पहले छोटे हिस्से पर जांच लें. केमिकल, बिजली और ऊंचाई से जुड़े कामों में सामान्य सुरक्षा सावधानी बरतें. बच्चे ऐसे काम बड़ों की निगरानी में ही करें.
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