ऊर्जा विभाग में प्रमुख सचिव सुबोध सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में SATAT योजना के तहत CBG प्लांट स्थापना और क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कचरे और बायोगैस से स्वच्छ ईंधन उत्पादन पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य बातें
- SATAT योजना की प्रगति की समीक्षा हुई।
- CBG प्लांट के लिए भूमि चिन्हित की गई।
- निवेशकों को प्रोत्साहन देने पर चर्चा।
- कई शहरों में संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया शुरू।
- कृषि अवशेषों के बेहतर उपयोग पर जोर।
SATAT योजना से बढ़ेगा स्वच्छ ईंधन उत्पादन
बैठक में बताया गया कि राज्य में छत्तीसगढ़ CBG पॉलिसी 2026 लागू की जा रही है। इसके तहत विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि तेल विपणन कंपनियां CBG खरीदने के लिए अनुबंध करेंगी। इससे निवेशकों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
SATAT योजना से किसानों और पर्यावरण को लाभ
बैठक में कहा गया कि CBG प्लांट से धान का पैरा, पराली और अन्य जैविक कचरे का उपयोग होगा। इससे वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
कृषि अवशेष और पशु अपशिष्ट बेचकर किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
कई शहरों में शुरू हुई स्थापना प्रक्रिया
अधिकारियों ने बताया कि रायपुर, भिलाई, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ में CBG संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
बैठक में नगरीय निकायों में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
प्रमुख अपडेट
- CBG पॉलिसी 2026 का क्रियान्वयन जारी।
- कई जिलों में भूमि चिन्हित।
- आठ शहरों में संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया शुरू।
- किसानों को अतिरिक्त आय मिलने की संभावना।
- कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा पर विशेष फोकस।
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