सरकार ने Anti Paper Leak Bill के जरिए सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा में पेश इस संशोधन विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों में कड़ी सजा का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य भविष्य में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत करना है।
Anti Paper Leak Bill में क्या हैं नए प्रावधान?
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, पेपर लीक या अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले दोषियों को पांच से दस साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।
यदि अपराध संगठित गिरोह द्वारा किया जाता है, तो सजा और अधिक कठोर होगी। ऐसे मामलों में सात साल या उससे अधिक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
मुख्य बातें
- पेपर लीक पर 5 से 10 साल तक जेल।
- 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव।
- संगठित अपराध पर 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई।
- जांच पूरी करने की समय सीमा तय।
Anti Paper Leak Bill के तहत जांच और सुनवाई की नई व्यवस्था
विधेयक में जांच प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया गया है। पेपर लीक के मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, चार्जशीट दाखिल होने के बाद तीन महीने के भीतर मुकदमे का निपटारा करने की योजना बनाई गई है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का अधिकार मिलेगा। इन अदालतों में मामलों की नियमित सुनवाई होगी ताकि न्याय प्रक्रिया में देरी न हो।
सरकार जरूरत पड़ने पर विशेष जांच दल भी गठित कर सकेगी। यह टीम बड़े और संवेदनशील मामलों की जांच करेगी।
परीक्षा सुरक्षा के लिए प्रस्तावित बदलाव
विधेयक में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई तकनीकी और प्रशासनिक प्रावधान जोड़े गए हैं। इनका उद्देश्य परीक्षा केंद्र से लेकर परिणाम तक पूरी व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
- परीक्षा केंद्रों का प्री-ऑडिट।
- अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच।
- प्रश्नपत्र की सुरक्षित तैयारी और अपलोड।
- परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा निगरानी।
- दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश।
किन गतिविधियों को अपराध माना जाएगा?
संशोधन विधेयक में 15 प्रकार की गतिविधियों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इनमें प्रश्नपत्र लीक करना, OMR शीट से छेड़छाड़, फर्जी वेबसाइट बनाना, नकली प्रवेश पत्र जारी करना और परीक्षा से जुड़ी अन्य धोखाधड़ी शामिल हैं।
प्रमुख अपडेट
- 15 प्रकार की परीक्षा धोखाधड़ी अपराध घोषित।
- OMR शीट से छेड़छाड़ पर कार्रवाई।
- फर्जी वेबसाइट और एडमिट कार्ड पर रोक।
- तकनीकी सुरक्षा उपायों को बढ़ावा।
- विशेष जांच दल का गठन संभव।
विपक्ष और सरकार की प्रतिक्रिया
विधेयक पेश होने के दौरान विपक्ष ने छात्र प्रदर्शनकारियों के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया। हालांकि सरकार ने इसे परीक्षा प्रणाली में सुधार का महत्वपूर्ण कदम बताया। लोकसभा अध्यक्ष ने भी सभी दलों से चर्चा में भाग लेकर सुझाव देने की अपील की।
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