परीक्षा घोटाले के खिलाफ CJP का बड़ा प्रदर्शन, जवाबदेही की उठी मांग

CJP Protest

देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटाले युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं।

पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ गूंजा विरोध

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। उनका आरोप था कि बार-बार सामने आने वाले परीक्षा घोटाले और पेपर लीक की घटनाएं भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रही हैं। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।

थाली-चम्मच बजाकर दर्ज कराया विरोध

संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन से पहले लोगों से थाली और चम्मच लेकर आने की अपील की थी। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने थाली-चम्मच बजाकर अपना विरोध जताया और सरकार से जवाब मांगा।

शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केवल जांच के आदेश पर्याप्त नहीं हैं। उनका मानना है कि परीक्षा घोटाले रोकने के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है। छात्रों ने परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों और संस्थानों की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की। उनका आरोप था कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री को लिखा गया खुला पत्र

प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र भेजा था। पत्र में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और परीक्षा घोटाले से जुड़े मामलों में सख्त कदम उठाने की मांग की गई थी। साथ ही छात्रों के हितों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया।

युवाओं के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता

छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और अन्य अनियमितताएं लाखों उम्मीदवारों के सपनों को प्रभावित कर रही हैं। उनका मानना है कि परीक्षा घोटाले केवल एक प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा हैं।

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