बीजापुर में आयोजित श्रमिक सम्मेलन श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। सामुदायिक सांस्कृतिक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 500 से अधिक पंजीकृत और अपंजीकृत श्रमिकों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य श्रमिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना था। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों और श्रम विभाग के अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति रही।
श्रमिकों को योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
सम्मेलन के दौरान श्रमिक सम्मेलन में मौजूद श्रमिकों को विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, प्रसूति सहायता, मृत्यु सहायता, दिव्यांग सहायता, अटल उत्कृष्ट शिक्षा सहायता और औजार सहायता जैसी योजनाओं की पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया समझाई। श्रमिकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
150 नए पंजीयन और 280 लेबर कार्ड वितरण
इस श्रमिक सम्मेलन की एक बड़ी उपलब्धि 150 नए निर्माण श्रमिकों का पंजीयन रहा। इसके साथ ही 280 पंजीकृत श्रमिकों को श्रमिक पहचान पत्र वितरित किए गए। अधिकारियों ने बताया कि लेबर कार्ड शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। श्रमिकों को समय पर नवीनीकरण कराने और दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई।
सामाजिक सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता
कार्यक्रम में श्रमिकों को श्रम कानूनों, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। श्रमिक सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने योजनाओं के प्रति विशेष रुचि दिखाई और अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक जानकारी पहुंचाने का संकल्प लिया। जनप्रतिनिधियों ने भी श्रमिकों से विभागीय योजनाओं का लाभ लेने और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया कि श्रमिक सम्मेलन का उद्देश्य केवल पंजीयन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक पात्र श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। विभाग भविष्य में भी जागरूकता शिविर, पंजीयन अभियान और सम्मेलन आयोजित करता रहेगा। यह आयोजन श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में एक सफल कदम माना जा रहा है।
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