फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। इस बयान ने वैश्विक राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। यह Donald Trump Iran Warning अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबसे चर्चित मुद्दों में शामिल हो गई है।
ईरान समझौते को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता सफल होना चाहिए और इससे क्षेत्र में स्थिरता आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान में किसी प्रकार का आर्थिक निवेश नहीं कर रहा है और न ही ऐसी कोई बाध्यता है।
उनके अनुसार यह समझौता निष्पक्ष और संतुलित है, जो दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
परमाणु हथियारों पर नहीं होगी कोई रियायत
Donald Trump Iran Warning के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान न तो परमाणु हथियार बनाएगा, न खरीदेगा और न ही उसका इस्तेमाल करेगा। यदि ऐसा हुआ तो उसे बेहद गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता केवल एक है—पश्चिम एशिया को परमाणु खतरे से मुक्त रखना। ट्रंप का यह बयान अमेरिका की सुरक्षा नीति को भी स्पष्ट करता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी जताई चिंता
बैठक के दौरान ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए क्योंकि लगातार युद्ध में हजारों सैनिकों की जान जा रही है।
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त कराने में भूमिका निभाई है और रूस-यूक्रेन विवाद को भी शांतिपूर्ण समाधान की ओर ले जाने का प्रयास जारी है।
कतर ने ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने ट्रंप के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि हालिया समझौता पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी पक्षों को संवाद और सहयोग का रास्ता अपनाना होगा।
इजराइल और लेबनान तनाव पर भी बोले ट्रंप
Donald Trump Iran Warning के बीच ट्रंप ने लेबनान पर इजराइली हमले को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समझौते के अंतिम चरण में इस प्रकार की सैन्य कार्रवाई उचित नहीं थी।
हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद ईरान के साथ हुआ समझौता कायम रहेगा और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
मेरे बिना इजराइल नहीं होता: ट्रंप
बैठक के दौरान ट्रंप का सबसे चर्चित बयान तब सामने आया जब उन्होंने कहा कि “मेरे बिना इजराइल नहीं होता।” ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन ने ऐसे फैसले लिए, जिनसे इजराइल की सुरक्षा और रणनीतिक स्थिति मजबूत हुई।
इस बयान के बाद Donald Trump Iran Warning और इजराइल को लेकर उनकी टिप्पणियां वैश्विक मीडिया में सुर्खियां बन गई हैं।
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