भारत के युवा स्क्वाश खिलाड़ी वेलावन सेंथिलकुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बुडापेस्ट ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया। हंगरी की राजधानी में खेले गए फाइनल में उन्होंने घरेलू खिलाड़ी बालाज फरकास को एकतरफा मुकाबले में हराया। वेलावन सेंथिलकुमार ने इस जीत के साथ पीएसए कॉपर-लेवल प्रतियोगिता का अपना पहला खिताब हासिल किया।
विश्व रैंकिंग में 54वें स्थान पर मौजूद भारतीय खिलाड़ी टूर्नामेंट में आठवीं वरीयता पर थे। उन्होंने फाइनल में फरकास को 11-4, 11-2, 11-3 से शिकस्त दी। मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी शुरू से ही नियंत्रण में नजर आए।
फाइनल में दिखा भारतीय खिलाड़ी का दबदबा
फाइनल मुकाबले में वेलावन सेंथिलकुमार ने आक्रामक खेल के साथ बेहतरीन कोर्ट कवरेज का प्रदर्शन किया। पहले गेम में उन्होंने 11-4 से बढ़त बनाई। इसके बाद दूसरे गेम में उनका दबदबा और ज्यादा बढ़ गया।
दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने फरकास को केवल दो अंक लेने दिए। उन्होंने 11-2 से गेम अपने नाम किया। तीसरे गेम में भी सेंथिलकुमार ने लय कायम रखी। उन्होंने 11-3 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
पीएसए टूर में मिली बड़ी उपलब्धि
बुडापेस्ट ओपन की जीत सेंथिलकुमार के करियर के लिए महत्वपूर्ण है। यह उनका पहला पीएसए कॉपर-लेवल खिताब है। हालांकि, पीएसए टूर पर यह उनकी 11वीं खिताबी सफलता रही।
43,500 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ी ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया। वेलावन सेंथिलकुमार ने पूरे अभियान में अपनी वरीयता को सही साबित किया।
सेमीफाइनल में वीर चोटरानी को हराया
फाइनल तक पहुंचने के दौरान सेंथिलकुमार को हमवतन वीर चोटरानी की कड़ी चुनौती मिली। सेमीफाइनल में दोनों के बीच पांच गेम तक मुकाबला चला।
सेंथिलकुमार ने यह रोमांचक मुकाबला 9-11, 11-8, 11-7, 1-11, 12-10 से अपने नाम किया। आखिरी गेम में उन्होंने दबाव के बीच बेहतर संयम दिखाया। इस जीत के बाद उनका आत्मविश्वास फाइनल में भी नजर आया।
क्वार्टर फाइनल में मलेशियाई खिलाड़ी को हराया
टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में भारतीय खिलाड़ी का सामना मलेशिया के ईन यो को से हुआ। सेंथिलकुमार ने इस मुकाबले में भी बेहतर खेल दिखाया।
इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने चोटरानी को हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस तरह टूर्नामेंट के अंतिम चरण में उन्होंने लगातार दो कठिन मुकाबलों में जीत दर्ज की।
फरकास के खिलाफ तीसरी भिड़ंत
फाइनल में सेंथिलकुमार और बालाज फरकास तीसरी बार आमने-सामने आए। दोनों खिलाड़ियों के बीच इससे पहले भी मुकाबले हो चुके थे।
2024 में हुई पिछली भिड़ंत में भी भारतीय खिलाड़ी ने बाजी मारी थी। बुडापेस्ट में उन्होंने एक बार फिर फरकास को हराकर अपना रिकॉर्ड मजबूत किया। वेलावन सेंथिलकुमार ने इस मुकाबले में स्थानीय खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया।
भारतीय स्क्वाश के लिए अच्छी खबर
सेंथिलकुमार की बुडापेस्ट ओपन जीत भारतीय स्क्वाश के लिए भी सकारात्मक संकेत है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी लगातार बढ़ रही है।
कॉपर-लेवल खिताब के साथ सेंथिलकुमार ने अपनी रैंकिंग और प्रतिष्ठा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। वेलावन सेंथिलकुमार के लिए यह जीत आगामी पीएसए प्रतियोगिताओं से पहले मनोबल बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।
यह भी पढ़ें – माधुरी वर्मा ने बांधी सीएम साय को राखी.