बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Bangladesh Nationalist Party की सत्ता में वापसी के साथ ही उसके प्रमुख तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार का गठन किया। करीब 17 साल निर्वासन के बाद सत्ता में लौटे तारिक रहमान अब देश के सबसे शक्तिशाली पद पर काबिज हैं।
प्रधानमंत्री के रूप में कितनी होंगी शक्तियां?
बांग्लादेश में प्रधानमंत्री ही वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है, जबकि राष्ट्रपति का पद मुख्यतः औपचारिक माना जाता है।
- कार्यकारी शक्तियां:
प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल का गठन करते हैं, विभागों का बंटवारा करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर मंत्रियों को पद से हटा सकते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) प्रशासन, खुफिया एजेंसियों और राष्ट्रीय प्रोटोकॉल की निगरानी करता है। - विधायी अधिकार:
प्रधानमंत्री संसद (जातीय संसद) में सरकार का नेतृत्व करते हैं। अधिकतर विधेयक और नीतियां उनके नेतृत्व में पेश की जाती हैं। वे राष्ट्रपति को संसद भंग करने की सलाह भी दे सकते हैं। - वित्तीय नियंत्रण:
राष्ट्रीय बजट प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में तैयार होता है। विकास परियोजनाओं और आर्थिक नीतियों पर अंतिम दिशा-निर्देश पीएम स्तर से तय होते हैं। - सुरक्षा और कूटनीति:
आंतरिक और बाहरी सुरक्षा से जुड़े बड़े फैसले प्रधानमंत्री की अगुवाई में लिए जाते हैं, जिससे उनका पद रणनीतिक रूप से बेहद प्रभावशाली बन जाता है।
प्रधानमंत्री के तौर पर वेतन और सुविधाएं
प्रधानमंत्री (पारिश्रमिक और विशेषाधिकार) अधिनियम के तहत उन्हें वेतन, आधिकारिक निवास, सुरक्षा, घरेलू व अंतरराष्ट्रीय यात्रा खर्च, चिकित्सा सुविधा और अन्य प्रोटोकॉल लाभ मिलते हैं। यदि वे निजी आवास में रहें, तब भी रखरखाव और आवश्यक सुविधाओं का खर्च सरकार वहन करती है।
कितनी है तारिक रहमान की संपत्ति?
चुनावी हलफनामे के अनुसार:
वार्षिक आय: लगभग 6.76 लाख टका (मुख्यतः निवेश से)
बैंक बैलेंस: करीब 1.23 करोड़ टका
शेयर निवेश: लगभग 68.5 लाख टका
भूमि: बोगरा में दो एकड़ से अधिक जमीन, साथ ही विरासत में मिली संपत्ति
उनकी पत्नी जुबैदा रहमान की आय और बैंक बैलेंस उनसे अधिक बताए गए हैं।
हालांकि, पूर्व में उन पर भ्रष्टाचार और संपत्ति छिपाने के आरोप लगे थे, लेकिन हालिया न्यायिक फैसलों के बाद वे सभी मामलों से बरी हो चुके हैं।
भारत और पाकिस्तान से तुलना
भारत में प्रधानमंत्री का पद कार्यपालिका का केंद्र होता है, जबकि पाकिस्तान में भी प्रधानमंत्री को व्यापक प्रशासनिक अधिकार प्राप्त हैं। वेतन और विशेषाधिकार देश की आर्थिक संरचना और कानूनों के अनुसार तय होते हैं, इसलिए सीधी तुलना जटिल मानी जाती है।