तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय ने एक बार फिर अपने बयान से हलचल मचा दी है। टीवीके (तमिलगा वेत्री कड़गम) के प्रमुख विजय ने ईरोड में आयोजित भव्य जनसभा के बाद अपने समर्थकों और प्रशंसकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता से मिलने वाला असीम प्रेम और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति है, जिसने उन्हें राजनीति के मार्ग पर आगे बढ़ने का साहस दिया।
विजय ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में लिखा कि जीवन के हर चरण में लोगों ने उनका साथ दिया है। इसी कृतज्ञता भाव के कारण उन्होंने राजनीति में कदम रखा है, ताकि वे उन लोगों के लिए काम कर सकें जिन्होंने उनके पूरे करियर के दौरान उन्हें संबल और मार्गदर्शन दिया। उनके अनुसार, यह यात्रा केवल सत्ता की नहीं, बल्कि सेवा और सामाजिक परिवर्तन की है।
गरीबी और सामाजिक असमानता के मुद्दे पर जोर देते हुए विजय ने कहा कि जो लोग गरीबी की गिरफ्त में फंसे हैं, उनके लिए एक नए सवेरे का उदय होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय को केवल सपनों और लालसाओं में गंवाने के बजाय अब ठोस बदलाव का समय है। यही सोच उनकी राजनीतिक यात्रा की मूल प्रेरणा है।
इस जनसभा के दौरान विजय ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) पर तीखा हमला करते हुए उसे “बुरी ताकत” करार दिया। उन्होंने दिवंगत मुख्यमंत्रियों एमजी रामचंद्रन और जे. जयललिता के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे भी डीएमके को “तीया शक्ति” कहा करते थे। विजय ने अपनी पार्टी टीवीके को “थूया शक्ति” यानी शुद्ध शक्ति बताते हुए कहा कि अब जनता को सही और गलत के बीच चुनाव करना होगा।
18 दिसंबर के सफल आयोजन के बाद विजय ने पार्टी पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और पुलिस प्रशासन की भी सराहना की, जिन्होंने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा। अपने संदेश के अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि वे फिर जनता से मिलेंगे और जीत निश्चित है। विजय का यह आक्रामक और भावनात्मक रुख आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।