चुनाव आयोग में मतभेद: 1989 से अब तक टकराव की पूरी कहानी
भारत का चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। इसके भीतर मतभेदों का इतिहास कई दशक पुराना है। 1989 में आयोग में अतिरिक्त चुनाव आयुक्त नियुक्त हुए। इसके बाद अधिकारों को लेकर सवाल उठे। 1993 में टीएन शेषन के दौर में विवाद बढ़ा। 1995 में सुप्रीम कोर्ट ने बहुसदस्यीय आयोग की भूमिका स्पष्ट की। इसके बाद…