दिल्ली में महिला वकील के साथ कथित बर्बर मारपीट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपने का आदेश दिया है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को जानकारी दी कि मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और मुख्य आरोपी, जो पीड़िता का पति बताया जा रहा है, को गिरफ्तार कर लिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच की निष्पक्षता और गंभीरता को देखते हुए इसे एसीपी या डीसीपी रैंक की महिला अधिकारी को सौंपा जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़े एक और अहम पहलू पर चिंता जताई। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि यह भी जांच की जाए कि घायल महिला वकील को तीन अलग-अलग अस्पतालों द्वारा भर्ती करने से कथित रूप से इनकार क्यों किया गया।
अदालत के इस हस्तक्षेप को न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब इस मामले में जांच की प्रगति और अस्पतालों की भूमिका पर भी नजर बनी रहेगी।