UPI फ्रॉड पर बड़ी राहत: 25 हजार तक मुआवजा मिलेगा, रेपो रेट स्थिर

डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने UPI लेनदेन में फ्रॉड की स्थिति में मुआवजा देने का ऐलान किया है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद RBI ने कहा कि UPI से जुड़े फ्रॉड मामलों में ग्राहकों को 25 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसे डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाले करोड़ों लोगों के लिए अहम फैसला माना जा रहा है।

आरबीआई ने इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखी गई है। इससे पहले बीते एक साल में केंद्रीय बैंक ने 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर बाजार से अतिरिक्त नकदी निकालने और महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश की थी। आरबीआई के अनुसार, फिलहाल बाजार में लगभग दो लाख करोड़ रुपये की तरलता बनी हुई है।

महंगाई को लेकर केंद्रीय बैंक ने भरोसा जताया है कि आने वाले समय में स्थिति नियंत्रण में रहेगी। नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही में महंगाई दर 4 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। साथ ही, RBI ने MSME सेक्टर और किसानों के लिए कर्ज प्रक्रिया को और आसान बनाने के संकेत भी दिए हैं।

MSME सेक्टर को मिलेगी मजबूती

एमपीसी के फैसलों में छोटे उद्योगों को खास तवज्जो दी गई है। RBI ने संकेत दिया है कि 10 लाख रुपये तक का कर्ज बिना गारंटी लेने की प्रक्रिया को और सरल किया जाएगा। साथ ही, कर्ज सीमा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे छोटे उद्यमियों को पूंजी उपलब्ध होगी और रोजगार सृजन को गति मिलने की उम्मीद है। यह कदम केंद्र सरकार के 2026-27 के बजट में निवेश और रोजगार बढ़ाने की नीति के अनुरूप है।

किसानों को सस्ता कर्ज देने की तैयारी

RBI ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़े नियमों में बदलाव पर भी विचार शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों तक कम ब्याज पर कर्ज पहुंचाना है। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक अलग पोर्टल जारी करने की योजना है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

विकास दर और विदेशी निवेश पर नजर

वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद RBI ने भारत की आर्थिक विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जो पहले के 7.3 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा अधिक है। इसके अलावा, सीमित उपभोक्ता लेनदेन वाली कंपनियों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव से देश में विदेशी पूंजी प्रवाह को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

शेयर बाजार में गिरावट, विदेशी मुद्रा भंडार स्थिर

एमपीसी फैसलों से पहले और बाद में शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। विदेशी पूंजी के बाहर जाने से दबाव जरूर बना, लेकिन RBI ने बताया कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब डॉलर पर स्थिर है। स्वर्ण भंडार में बढ़ोतरी से रुपये की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई गई है।

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