रायपुर में गांधी जयंती पर नशामुक्ति पदयात्रा आयोजित की गई। यह आयोजन सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ। राज्यपाल रमेन डेका ने इसमें भाग लिया। उन्होंने नागरिकों से नशामुक्त समाज बनाने की अपील की। पदयात्रा में युवा, महिलाएं, विद्यार्थी और शहरवासी शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना था। प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। साथ ही, समाज को नशामुक्त बनाने में योगदान देने की बात कही।
टाउन हॉल में महात्मा गांधी को किया नमन
पदयात्रा की शुरुआत रायपुर के टाउन हॉल परिसर से हुई। राज्यपाल रमेन डेका ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे पदयात्रा में शामिल हुए।
इस अवसर पर गांधीजी के विचारों और उनके संदेश को याद किया गया। नशे से दूरी और जागरूकता को सामाजिक भागीदारी से जोड़ने पर जोर रहा।
लाल बहादुर शास्त्री को भी दी श्रद्धांजलि
पदयात्रा के दौरान भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी नमन किया गया। उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद प्रतिभागी आगे बढ़े।
कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम और देशसेवा से जुड़ी विभूतियों को याद किया गया। आयोजकों ने जनभागीदारी के जरिए सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
अंबेडकर चौक पहुंची नशामुक्ति पदयात्रा
टाउन हॉल से शुरू हुई नशामुक्ति पदयात्रा अंबेडकर चौक पहुंची। यहां राज्यपाल रमेन डेका ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने भारत रत्न डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी।
राज्यपाल ने नशामुक्त भारत के निर्माण में सामूहिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जनजागरूकता के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया।
युवाओं और नागरिकों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
पदयात्रा में जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। विधायक पुरंदर मिश्रा और सुनील सोनी ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम में युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी रही। महिलाओं और शहर के अन्य नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। सभी ने नशे से दूर रहने और दूसरों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
नशामुक्त समाज के लिए जनभागीदारी जरूरी
नशामुक्ति पदयात्रा के माध्यम से नागरिकों को सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। नशे से जुड़े नुकसान के प्रति जागरूकता बढ़ाना ऐसे अभियानों का अहम उद्देश्य है। परिवार, शिक्षण संस्थानों और समुदाय की भागीदारी से यह संदेश व्यापक हो सकता है।
ऐसे आयोजनों में युवाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहती है। जागरूकता के साथ नशे से प्रभावित लोगों को सहयोग देना जरूरी है। समाज के साझा प्रयासों से स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ आयोजन
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता पर ध्यान दिया गया। राज्यपाल ने पदयात्रा में शामिल होकर नशामुक्त समाज का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने भी इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
इस पहल का संदेश है कि नशे से दूरी केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि सामुदायिक प्रयास भी है। जागरूकता और सहयोग के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा दिया जा सकता है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ये गतिविधियां हुईं
- टाउन हॉल परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
- लाल बहादुर शास्त्री और डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी गई।
- युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों ने पदयात्रा में हिस्सा लिया।
- प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।
जनजागरूकता से मजबूत होगा नशामुक्ति का संदेश
नशामुक्ति पदयात्रा ने नागरिकों को नशे के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया। राज्यपाल रमेन डेका की सहभागिता के साथ यह आयोजन रायपुर में संपन्न हुआ। इसमें विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर नशामुक्त समाज के संकल्प को दोहराया।
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