अक्टूबर का पहला पखवाड़ा विज्ञान, साहित्य और शांति की दुनिया के लिए खास होता है. इस साल नोबेल पुरस्कार की घोषणा 5 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चलेगी. लेकिन यह फैसला एक दिन में नहीं होता. दरअसल इसके पीछे महीनों की गोपनीय प्रक्रिया चलती है.
नोबेल पुरस्कार की घोषणा से पहले क्या होता है
नोबेल पुरस्कार की घोषणा से पहले लगभग साल भर की प्रक्रिया चलती है. हज़ारों आमंत्रित लोग 31 जनवरी तक नामांकन भेजते हैं. फिर हर विषय की नोबेल समिति महीनों तक इन नामों की जांच करती है. आखिर में पुरस्कार देने वाली संस्था विजेता तय करती है. इसके बाद अक्टूबर में नाम दुनिया के सामने आते हैं.
इस साल के नोबेल सीज़न की अहम बातें
- घोषणाएं 5 से 12 अक्टूबर के बीच छह अलग दिनों में होंगी.
- पहली घोषणा चिकित्सा की होगी, भारतीय समय से दोपहर 3 बजे के बाद.
- शांति पुरस्कार 9 अक्टूबर को ओस्लो से घोषित होगा.
- हर पूरे पुरस्कार की रकम इस बार 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोना है.
- साल 2026 नोबेल पुरस्कारों के 125 साल पूरे होने का साल है.
एक वसीयत से शुरू हुआ सिलसिला
अल्फ्रेड नोबेल स्वीडन के आविष्कारक और उद्योगपति थे. उन्होंने 27 नवंबर 1895 को पेरिस में अपनी आखिरी वसीयत पर दस्तखत किए. इसमें उन्होंने अपनी ज़्यादातर संपत्ति से एक फंड बनाने को कहा. इस फंड के ब्याज से हर साल उन लोगों को इनाम मिलना था, जिन्होंने इंसानियत का सबसे ज़्यादा भला किया हो.
हालांकि यह काम आसान नहीं रहा. नोबेल प्राइज़ की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक उनके परिवार ने इसका विरोध किया. साथ ही जिन संस्थाओं को ज़िम्मेदारी दी गई थी, वे भी शुरू में तैयार नहीं थीं. नतीजतन पहले पुरस्कार 1901 में दिए जा सके.
इसके अलावा तारीख का भी एक इतिहास है. नोबेल का निधन 10 दिसंबर 1896 को हुआ था. यही वजह है कि आज भी पदक और डिप्लोमा हर साल 10 दिसंबर को दिए जाते हैं.
नोबेल पुरस्कार की घोषणा कौन करता है
दरअसल हर पुरस्कार की ज़िम्मेदारी अलग संस्था के पास है. यह बंटवारा खुद नोबेल की वसीयत में तय किया गया था. आज की व्यवस्था कुछ इस तरह है.
- चिकित्सा: स्टॉकहोम के कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली.
- भौतिकी और रसायन: रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज़.
- साहित्य: स्वीडिश एकेडमी.
- शांति: नॉर्वे की संसद की ओर से चुनी गई नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी.
इसीलिए शांति पुरस्कार की घोषणा ओस्लो से होती है और समारोह भी वहीं होता है. वहीं बाकी पुरस्कार स्टॉकहोम से घोषित होते हैं और वहीं दिए जाते हैं.
अर्थशास्त्र का पुरस्कार बाद में कैसे जुड़ा
ध्यान रहे, अर्थशास्त्र का पुरस्कार नोबेल की वसीयत का हिस्सा नहीं था. स्वीडन के केंद्रीय बैंक स्वेरिजेस रिक्सबैंक ने 1968 में अपनी 300वीं सालगिरह पर इसके लिए दान दिया. इसलिए इसका आधिकारिक नाम अल्फ्रेड नोबेल की याद में दिया जाने वाला स्वेरिजेस रिक्सबैंक पुरस्कार है. फिर भी इसके विजेता रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज़ ही चुनती है.
नामांकन इतने गोपनीय क्यों रहते हैं
नोबेल के लिए नामांकन सिर्फ आमंत्रित लोग भेज सकते हैं. इनमें अकादमियों के सदस्य, विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, वैज्ञानिक, पुराने विजेता और संसदों के सदस्य शामिल होते हैं. नामांकन की आखिरी तारीख 31 जनवरी की आधी रात होती है.
इसके बाद नामांकन से जुड़े रिकॉर्ड 50 साल तक सील रहते हैं. यानी इस साल किन नामों पर विचार हुआ, यह दशकों बाद पता चलेगा. इसलिए घोषणा से पहले चलने वाली संभावित विजेताओं की सूचियां सिर्फ अनुमान होती हैं. उदाहरण के लिए नोबेल की वेबसाइट बताती है कि मार्टिन लूथर किंग जूनियर के पहले नामांकन के प्रस्तावकों के नाम बहुत बाद में सामने आए.
125 साल और बढ़ी हुई इनामी रकम
इस साल नोबेल फाउंडेशन ने इनामी रकम 1.1 करोड़ से बढ़ाकर 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोना कर दी है. फाउंडेशन की प्रमुख हाना स्टार्ने के मुताबिक इससे पुरस्कार का आर्थिक हिस्सा समय के साथ अपनी कीमत बनाए रखेगा. साथ ही फाउंडेशन ने यह फैसला 125वीं सालगिरह के मौके पर लिया है. आमतौर पर एक पुरस्कार ज़्यादा से ज़्यादा तीन लोगों में बांटा जा सकता है.
घोषणा वाले हफ्ते को कैसे फॉलो करें
अगर आप छात्र हैं या विज्ञान में रुचि रखते हैं, तो यह हफ्ता सीखने का अच्छा मौका है. सबसे पहले हर दिन विजेता के काम को एक लाइन में अपने शब्दों में लिखें. फिर देखें कि उस खोज का आम ज़िंदगी से क्या रिश्ता है. आखिर में पुरस्कार देने वाली संस्था का नाम भी जोड़ लें. इस तरह छह दिन में छह विषयों की अच्छी समझ बन सकती है.
नोबेल से जुड़े आम सवाल
क्या नोबेल पुरस्कार की घोषणा का समय बदल सकता है?
हां, थोड़ा. आधिकारिक शेड्यूल में ज़्यादातर समय सबसे जल्दी वाले बताए गए हैं. यानी घोषणा उस समय या उसके कुछ देर बाद होगी, पहले नहीं.
क्या कोई खुद को नोबेल के लिए नामांकित कर सकता है?
नहीं. नामांकन सिर्फ वही लोग भेज सकते हैं, जिन्हें संबंधित समिति आमंत्रित करती है.
क्या संस्था को भी नोबेल मिल सकता है?
हां, शांति पुरस्कार किसी संस्था को भी दिया जा सकता है. बाकी विषयों में यह व्यक्तियों को मिलता है.
नोट: जानकारी बदल सकती है. घोषणा का शेड्यूल, इनामी रकम और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी 2 अक्टूबर 2026 को NobelPrize.org और समाचार रिपोर्टों से जांची गई है. ताज़ा अपडेट के लिए nobelprize.org देखें.
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