रायपुर, 25 अक्टूबर 2026। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी समाज को सत्य, न्याय और सदाचार के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोगों से महर्षि वाल्मीकि के विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनके संदेश समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने और बेहतर सामाजिक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण हैं।
रामायण की रचना ने भारतीय संस्कृति को दिया अमूल्य योगदान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसे महान महाकाव्य की रचना कर भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को व्यापक पहचान दिलाई। रामायण में वर्णित आदर्श, कर्तव्यनिष्ठा, करुणा और लोककल्याण की भावना आज भी लोगों के लिए मार्गदर्शक हैं।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रचनाएं केवल साहित्यिक धरोहर नहीं हैं, बल्कि वे जीवन में सही आचरण और नैतिक जिम्मेदारियों का महत्व भी समझाती हैं।
सत्य, न्याय और सदाचार का संदेश देती हैं उनकी शिक्षाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के विचार वर्तमान समय में भी प्रासंगिक हैं। सत्य के प्रति निष्ठा, दूसरों के प्रति करुणा, न्याय का सम्मान और समाज के कल्याण की भावना उनके संदेशों के प्रमुख आधार हैं।
महर्षि वाल्मीकि जयंती का अवसर लोगों को इन मूल्यों पर विचार करने और उन्हें अपने व्यवहार में उतारने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने समरसता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
समरस और संस्कारवान समाज बनाने की अपील
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाकर एक समरस, संस्कारवान और विकसित समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की शिक्षाएं समाज को बेहतर दिशा देने में सहायक होती हैं।
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दिया गया यह संदेश सत्य, सदाचार और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को जीवन में महत्व देने की प्रेरणा देता है।