पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन सप्लाई को लेकर चिंता के बीच भारत में एलपीजी सिलेंडर की संभावित कमी की चर्चा तेज है। इसी घबराहट का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने LPG बुकिंग स्कैम शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर फर्जी लिंक के जरिए लोगों को तुरंत गैस डिलीवरी का झांसा देकर एडवांस पेमेंट के नाम पर ठगी की जा रही है।
कैसे काम करता है LPG बुकिंग स्कैम?
जब किसी चीज की ऑनलाइन मांग अचानक बढ़ती है तो स्कैमर्स तुरंत सक्रिय हो जाते हैं। अभी गैस सिलेंडर बुकिंग को लेकर लोग इंटरनेट पर जानकारी खोज रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर “इमरजेंसी गैस डिलीवरी” और “तत्काल LPG बुकिंग” जैसे फर्जी विज्ञापन चला रहे हैं।
इन विज्ञापनों में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से यूजर को नकली वेबसाइट पर भेज दिया जाता है, जो बिल्कुल असली गैस कंपनी की वेबसाइट जैसी दिखती है। यहां एडवांस पेमेंट कराने के बाद ठग पैसे लेकर गायब हो जाते हैं।
फर्जी हेल्पलाइन और OTP फ्रॉड
इन स्कैम वेबसाइट्स पर नकली हेल्पलाइन नंबर भी दिए जाते हैं। जब कोई व्यक्ति कॉल करता है तो उससे OTP, बैंक अकाउंट नंबर, UPI ID या कार्ड डिटेल्स जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। जैसे ही ये जानकारी मिलती है, ठग बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
LPG बुकिंग स्कैम से कैसे बचें?
ऑनलाइन गैस बुकिंग सुरक्षित हो सकती है, अगर आप सावधानी बरतें। इन बातों का ध्यान रखें:
हमेशा अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप या वेबसाइट से ही बुकिंग करें।
व्हाट्सएप, एसएमएस या सोशल मीडिया पर आए अनजान लिंक पर क्लिक करके पेमेंट न करें।
किसी के साथ OTP, UPI PIN, बैंक अकाउंट या कार्ड डिटेल्स साझा न करें।
आधिकारिक गैस एजेंसियां कभी भी अनजान लिंक भेजकर एडवांस पेमेंट की मांग नहीं करतीं।
अगर स्कैम का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
यदि आपने गलती से किसी फर्जी लिंक पर भुगतान कर दिया है तो तुरंत कार्रवाई करें।
भारत सरकार के साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
या फिर National Cyber Crime Reporting Portal पर जाकर शिकायत दर्ज करें।
जितनी जल्दी शिकायत दर्ज की जाती है, ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक होती है।