बस्तर जिले में शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। दो युवकों से 6 लाख 60 हजार रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले गिरोह के दो अन्य आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया था।
शिक्षा विभाग के फर्जी नियुक्तिपत्र देकर किया धोखा
पीड़ित दिलीप कुमार कश्यप (देवड़ा) और चुम्मन राम बघेल (कांवड़गांव) की जान-पहचान सोनारपाल निवासी नारायण बघेल से थी। नारायण बघेल ने उन्हें शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और इसके बदले पैसों की मांग की। दोनों युवक इस प्रस्ताव पर सहमत हो गए। इसके बाद नारायण बघेल ने अपने साथी प्रमोद मौर्य और अभिजीत प्रताप सिंह के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
पैसे लेने के बाद फरार हुए आरोपी
ठगों ने दिलीप कुमार कश्यप से 3.40 लाख रुपए और चुम्मन राम बघेल से 3.20 लाख रुपए लिए। बदले में उन्हें फर्जी नियुक्तिपत्र दिया और भरोसा दिलाया कि उनकी नौकरी पक्की हो गई है। लेकिन जब दोनों युवक शिक्षा विभाग के दफ्तर पहुंचे, तो पता चला कि वहां कोई वैकेंसी ही नहीं थी। तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है।
FIR के बाद दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड अब पकड़ा गया
पैसे वापस मांगने पर जब ठगों ने टालमटोल की, तो दोनों पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले प्रमोद मौर्य और अभिजीत प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन गिरोह का मुख्य आरोपी नारायण बघेल फरार था।
लगभग 6-7 महीने की तलाश के बाद पुलिस ने गांव के पास से नारायण बघेल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।