छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं को प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित और सशक्त भारत का निर्माण करेगी। रायपुर के सड्डू में आयोजित जेन नेक्स्ट संवाद में मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से रूबरू हुए।
न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, राजनीति और राज्य के भविष्य पर सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के संघर्ष और अनुभव साझा करते हुए उनके सवालों के जवाब दिए।
युवाओं को बड़े सपने देखने की दी सीख
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं से अपनी रुचि पहचानने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी को अपने लक्ष्य तय करने चाहिए। इसके बाद मेहनत और समर्पण से उन्हें हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने समय के महत्व पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पढ़ाई का समय भविष्य की नींव तैयार करता है। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगानी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और विकसित भारत पर चर्चा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन को सामाजिक बदलाव का उदाहरण बताया। उनके अनुसार, स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच में बड़ा परिवर्तन आया है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में युवाओं की भूमिका अहम होगी। युवाओं को अपनी प्रतिभा और कौशल से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
अपने संघर्ष के दिनों को याद कर साझा किए अनुभव
मुख्यमंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन की कठिनाइयों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले के बगिया गांव में पढ़ाई के दौरान सुविधाएं सीमित थीं। परीक्षा देने के लिए उन्हें दूसरे गांव जाना पड़ता था।
उन्होंने बताया कि कम उम्र में पिता को खोने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई थीं। पढ़ाई के साथ उन्होंने खेती-बाड़ी में हाथ बंटाया। आगे चलकर उन्होंने सरपंच से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को समझाया कि जिम्मेदारी और मेहनत से आगे बढ़ने का रास्ता बनता है। उन्होंने ईमानदारी से काम करने और अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा दी।
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील
विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से जल संरक्षण पर भी सवाल किए। इस पर उन्होंने कहा कि जल बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने वर्षा जल संचयन को घरों और स्कूलों में बढ़ावा देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले के पांच प्रतिशत मॉडल का उल्लेख किया। उन्होंने राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण के प्रयासों की भी जानकारी दी। युवाओं से उन्होंने जल संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर रखी बात
मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 17 प्रयास विद्यालय चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने पीएमश्री योजना के तहत शामिल 341 स्कूलों का भी उल्लेख किया। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा को कौशल और रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित है।
युवाओं की प्रतिभा का किया सम्मान
कार्यक्रम में युवाओं ने विभिन्न विषयों पर खुलकर संवाद किया। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति का आनंद लिया। खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित भी किया गया।
कुल मिलाकर, जेन नेक्स्ट संवाद ने युवाओं को अपने सपनों के लिए प्रयास करने का संदेश दिया। शिक्षा, कौशल, जल संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने युवाओं को देश और छत्तीसगढ़ के भविष्य की महत्वपूर्ण शक्ति बताया।
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