मध्य प्रदेश के Indore में हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) में लगी आग की दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। चार्जिंग के दौरान लगी इस आग ने एक घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद देशभर में EV सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
भारत में EV हादसों के आंकड़े
Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) के eDAR पोर्टल के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी 23,865 दुर्घटनाएं दर्ज हुई हैं।
औसतन रोज़: करीब 25 EV हादसे
आग लगने की घटनाएं: सिर्फ 26 मामले
यानी कुल दुर्घटनाओं की तुलना में आग लगने के मामले बेहद कम हैं, लेकिन इनके परिणाम गंभीर होते हैं।
EV में आग लगने की प्रमुख वजहें
- शॉर्ट सर्किट और ‘थर्मल रनअवे’
विशेषज्ञों के अनुसार, EV में आग लगने की 99% घटनाएं शॉर्ट सर्किट के कारण होती हैं। जब बैटरी का तापमान 100°C से अधिक हो जाता है, तो ‘थर्मल रनअवे’ की स्थिति बनती है, जिसमें बैटरी अनियंत्रित रूप से गर्म होकर आग पकड़ लेती है।
- खराब बैटरी और डिजाइन
कम गुणवत्ता वाले बैटरी सेल, कमजोर डिजाइन और खराब बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) आग का बड़ा कारण बन सकते हैं।
- चार्जिंग के दौरान लापरवाही
साधारण एक्सटेंशन कॉर्ड का इस्तेमाल
ढीले प्लग और खराब सॉकेट
बिना अर्थिंग वाले कनेक्शन
लोकल और सस्ते चार्जर का उपयोग
ये सभी कारण शॉर्ट सर्किट और आग की संभावना बढ़ाते हैं।
- गर्म बैटरी को तुरंत चार्ज करना
लंबी ड्राइव के तुरंत बाद बैटरी गर्म होती है। ऐसे में तुरंत चार्जिंग करने से जोखिम बढ़ सकता है।
चार्जिंग पॉइंट: सबसे बड़ा खतरा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 90% मामलों में आग बैटरी से नहीं, बल्कि चार्जिंग पॉइंट, खराब वायरिंग या सॉकेट से शुरू होती है। Ghaziabad और Delhi जैसी जगहों पर भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
सरकार के सुरक्षा कदम
EV सुरक्षा को लेकर सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं:
AIS-156 और AIS-038 (Rev 2) जैसे नए बैटरी सुरक्षा मानक लागू
विशेषज्ञ समितियों का गठन (DRDO, IISc, NSTL)
दोषपूर्ण वाहनों पर रिकॉल और कंपनियों पर कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने भी साफ कहा है कि सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कैसे रहें सुरक्षित? (Safety Tips)
✔ केवल कंपनी द्वारा दिए गए चार्जर का उपयोग करें
✔ मजबूत वायरिंग और अर्थिंग सुनिश्चित करें
✔ चार्जिंग के दौरान वाहन पर नजर रखें
✔ ओवरहीट होने पर तुरंत चार्जिंग रोकें
✔ घर के बाहर असुरक्षित जगह पर चार्जिंग पॉइंट न बनाएं