छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद ने अल्प आयु में ही अपने विचारों, दर्शन और आध्यात्मिक दृष्टि से भारत की सनातन संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सेंड-ऑफ सेरेमनी कार्यक्रम के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन और संदेशों को आज की युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव की बात है कि स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय रायपुर में बिताया। बूढ़ा तालाब और डे-भवन जैसे स्थल आज भी उनके विचारों की जीवंत स्मृति के रूप में युवाओं को प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विवेकानंद का जीवन आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और मानव कल्याण का सशक्त उदाहरण है।
मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि इस वर्ष राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ से कुल 75 युवाओं का चयन किया गया है। इनमें विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग, डिजाइन फॉर भारत ट्रैक और सांस्कृतिक ट्रैक्स के प्रतिभागी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह मंच युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय युवा उत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ के युवा राज्य की समृद्ध लोकसंस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत और युवा नेतृत्व की झलक देशभर के सामने प्रस्तुत करेंगे, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वामी विवेकानंद के संदेश—“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”—को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ऊर्जा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस परिकल्पना का उल्लेख किया, जिसमें युवा हर क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभाएं। इस अवसर पर चयनित प्रतिभागियों को वेशभूषा किट प्रदान की गई और कुछ युवाओं ने अपने अनुभव भी साझा किए