CINTAA विवाद में बढ़ा घमासान, वेलफेयर काम प्रभावित

CINTAA विवाद

सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन यानी CINTAA में विवाद लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। संस्था के भीतर पदाधिकारियों के बीच मतभेद सामने आए हैं।

पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे ने हालिया बातचीत में अपना पक्ष रखा। दोनों ने बैंक खातों और वेलफेयर गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर बात की।

पद्मिनी कोल्हापुरे ने दावा किया कि बैंक खाते फ्रीज होने से काम प्रभावित हुआ। उनके मुताबिक, इससे स्टाफ की सैलरी और जरूरतमंद कलाकारों की मदद रुकी।

उन्होंने इस कार्रवाई के पीछे उपासना सिंह और दीपक पाराशर का हाथ होने का आरोप लगाया। हालांकि, यह दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद का हिस्सा है।

बैंक खाते फ्रीज होने से बढ़ी परेशानी

पद्मिनी कोल्हापुरे के मुताबिक, संस्था के बैंक खाते 7 तारीख से फ्रीज हैं। उनका कहना है कि इसके कारण कई जरूरी भुगतान नहीं हो पा रहे हैं।

उन्होंने वेलफेयर से जुड़े काम रुकने की बात भी कही। उनके अनुसार, स्टाफ की सैलरी देना भी मुश्किल हो गया है।

वहीं, CINTAA नेतृत्व का कहना है कि संस्था अपने नियमों के तहत काम कर रही है। नेतृत्व ने पहले भी वित्तीय कामकाज में पारदर्शिता का दावा किया है।

विवाद में सामने आए प्रमुख मुद्दे:

  • CINTAA के बैंक खातों के फ्रीज होने का मुद्दा।
  • कलाकारों से जुड़े वेलफेयर कार्य प्रभावित होने का दावा।
  • स्टाफ की सैलरी को लेकर चिंता।
  • CINTAA और CAWT के बीच प्रस्तावित MOU।
  • संस्था के चुनाव और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा विवाद।

CAWT के साथ MOU पर भी मतभेद

पूनम ढिल्लों ने CINTAA और सिने आर्टिस्ट्स वेलफेयर ट्रस्ट यानी CAWT के बीच प्रस्तावित MOU पर भी बात की।

उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर AGM में चर्चा हुई थी। उनके मुताबिक, CINTAA ने पहले CAWT की मदद भी की थी।

ढिल्लों ने कहा कि मेडिकल जरूरतों के समय फंड की कमी की बात सामने आती थी। इसी वजह से CINTAA की ओर से सहयोग को लेकर विचार किया गया।

हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर सभी सदस्यों की सहमति नहीं बनी। इसी मुद्दे ने संस्था के भीतर मतभेद को और बढ़ाया।

फंड ट्रांसफर को लेकर क्या बोले सीपी ठाकुर

CINTAA के वाइस प्रेसिडेंट सीपी ठाकुर ने विवाद की अलग तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि मामला फंड के कथित गलत इस्तेमाल का नहीं है।

उनके अनुसार, मुख्य मतभेद CINTAA के फंड को CAWT में ट्रांसफर करने के प्रस्ताव से जुड़े हैं। कॉन्टैक्ट डिटेल्स साझा करने का मुद्दा भी सामने आया।

ठाकुर ने अधिकृत हस्ताक्षरों से जुड़े नियमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ वित्तीय लेनदेन के लिए अधिकृत पदाधिकारियों की मंजूरी जरूरी होती है।

चुनाव को लेकर भी कानूनी पेच

CINTAA विवाद अब चुनाव प्रक्रिया तक पहुंच चुका है। संस्था की कार्यकारिणी के कई सदस्यों के इस्तीफे के बाद नए चुनाव की मांग उठी।

मौजूदा विवाद के बीच चुनाव कराने को लेकर कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है। कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ने की अनुमति दी है।

हालांकि, चुनाव के नतीजे संबंधित कानूनी मामले के अंतिम फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। इस मामले में 26 अक्टूबर को सिटी सिविल कोर्ट में सुनवाई होनी है।

अगस्त में शुरू हुआ था इस्तीफों का सिलसिला

CINTAA में मौजूदा संकट की शुरुआत अगस्त में हुई थी। कार्यकारी समिति के कई सदस्यों ने इस्तीफा दिया था।

रिपोर्टों के मुताबिक, 11 सदस्यों ने इस्तीफा दिया। इनमें आठ निर्वाचित कार्यकारी समिति सदस्य शामिल थे।

इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने नए चुनाव कराने की मांग भी रखी थी।

दूसरी ओर, पूनम ढिल्लों ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने संस्था के संविधान और नियमों के अनुसार काम करने की बात कही।

वेलफेयर गतिविधियां बनीं विवाद का अहम मुद्दा

CINTAA कलाकारों से जुड़े कल्याणकारी कामों के लिए भी जानी जाती है। ऐसे में बैंक खातों को लेकर उठा विवाद महत्वपूर्ण बन गया है।

पद्मिनी कोल्हापुरे ने दावा किया कि खाते फ्रीज होने से जरूरतमंद कलाकारों की मदद प्रभावित हुई। स्टाफ के भुगतान को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई।

वहीं, संस्था के नेतृत्व ने वेलफेयर को अपनी प्राथमिकता बताया है। दोनों पक्ष अब अपने-अपने दावों के साथ सामने आ रहे हैं।

आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर:

  • CINTAA के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
  • चुनाव परिणाम कानूनी मामले के फैसले से जुड़े रहेंगे।
  • बैंक खातों से जुड़ा मुद्दा जांच और कार्रवाई का विषय है।
  • CAWT के साथ MOU पर मतभेद जारी हैं।
  • 26 अक्टूबर की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आरोपों के बीच संस्था के काम पर असर

CINTAA विवाद का असर अब संस्था की नियमित गतिविधियों पर भी चर्चा में है। वेलफेयर काम और कर्मचारियों के भुगतान को लेकर सवाल उठे हैं।

हालांकि, दोनों पक्षों के दावों में अंतर है। इसलिए पूरे मामले में अंतिम स्थिति कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल संस्था के भीतर नेतृत्व और चुनाव को लेकर खींचतान जारी है। आने वाले दिनों में कोर्ट और चुनाव प्रक्रिया से तस्वीर साफ हो सकती है।

कुल मिलाकर, CINTAA का विवाद अब केवल पदाधिकारियों के मतभेद तक सीमित नहीं रहा। इसमें बैंक खाते, वेलफेयर काम, MOU और चुनाव जैसे कई मुद्दे जुड़ चुके हैं।


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