चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए सीएम विष्णु देव साय

चित्रोत्पला गंगा महाआरती

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 अक्टूबर को शिवरीनारायण पहुंचे। यहां उन्होंने महानदी के तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री अपनी पत्नी कौशल्या देवी साय के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने महानदी की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

इस दौरान नदी तट पर दीपों की रोशनी और वैदिक मंत्रों से भक्तिमय वातावरण बना। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी महाआरती में भाग लिया।

महानदी छत्तीसगढ़ की आस्था और संस्कृति का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने महानदी को छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि महानदी का प्रदेश के जनजीवन और संस्कृति से गहरा संबंध है।

सदियों से यह नदी प्रदेश की कृषि और अर्थव्यवस्था को सहारा देती रही है। इसके तटों पर कई धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं विकसित हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के प्रति श्रद्धा के साथ उनकी रक्षा करना भी जरूरी है। इसलिए नदी की स्वच्छता और जल संरक्षण को सभी को अपनी जिम्मेदारी मानना चाहिए।

शिवरीनारायण की धार्मिक पहचान को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने माता शबरी की इस पावन नगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का भी उल्लेख किया।

यहां आयोजित महाआरती ने श्रद्धालुओं को एक साथ जुड़ने का अवसर दिया। साथ ही, ऐसे आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।

जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन का आधार है। इसलिए आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने वर्षा जल की हर बूंद को सहेजने का आह्वान किया। साथ ही, लोगों से जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

मुख्यमंत्री के अनुसार, गांवों और शहरों में वर्षा जल संचय की व्यवस्था जरूरी है। घरों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पानी बचाने के उपाय अपनाए जाने चाहिए।

जल संचय से भूजल स्तर बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रहे जल संचय-जनभागीदारी अभियान का उल्लेख किया। इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल को सहेजना और भूजल स्तर बढ़ाने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए हर परिवार और नागरिक को आगे आना होगा।

जब लोग मिलकर पानी बचाने का संकल्प लेंगे, तभी इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे। इसलिए जल संचय को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।

चित्रोत्पला गंगा महाआरती ने दिया जल संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने महानदी सहित सभी जल स्रोतों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया।

तालाबों, कुओं और नदियों का संरक्षण भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, वर्षा जल संचय से पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

यह भी पढ़े: शिवरीनारायण दर्शन: सीएम साय ने की प्रदेश की खुशहाली की कामना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *