छत्तीसगढ़ रेल विकास को नई गति मिली है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान रायपुर-रावघाट और रायपुर-कुरूद रेल सेवाओं की शुरुआत हुई। साथ ही, ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया।
इस कार्यक्रम में रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी गई। इन परियोजनाओं से प्रदेश की रेल सुविधाओं का विस्तार होगा। खासकर बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ रेल विकास से खुलेंगे रोजगार के अवसर
ताड़ोकी से रावघाट तक 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा हो गया है। इसके साथ ही आजादी के बाद पहली बार रावघाट रेल नेटवर्क से जुड़ा है। यह बस्तर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
नई रेल सेवाओं से यात्रियों को राजधानी रायपुर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक आधुनिक रेल सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। उनके अनुसार, रेल संपर्क बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
छत्तीसगढ़ रेल विकास- प्रदेश में 54 हजार करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रदेश में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ को 7,470 करोड़ रुपये का रेलवे बजट मिला है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रावघाट से जगदलपुर तक रेल संपर्क विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे बस्तर की कनेक्टिविटी और मजबूत हो सकती है।
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना की लागत लगभग 1,628 करोड़ रुपये है। इसकी कुल लंबाई करीब 95 किलोमीटर है। ताड़ोकी-रावघाट खंड पूरा होने से इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा तैयार हो गया है।
छत्तीसगढ़ रेल विकास- रायपुर-कुरूद रेल सेवा से धमतरी को मिलेगी राहत
अभनपुर से कुरूद तक लगभग 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा हो गया है। इसके बाद रायपुर और कुरूद के बीच यात्री रेल सेवा शुरू हुई है। इससे इस क्षेत्र में रेल यात्रा की सुविधा बेहतर होगी।
पहले रायपुर और धमतरी के बीच नैरो गेज रेल सेवा चलती थी। अब ब्रॉडगेज में बदलाव से आधुनिक रेल सुविधा के विस्तार का रास्ता खुला है। कुरूद से धमतरी तक शेष काम पूरा होने पर रायपुर-धमतरी रेल सेवा का विस्तार संभव होगा।
2014 के बाद बिछीं 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियां
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में लगभग 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं। इसके साथ ही रेल बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है। इनमें से आठ स्टेशन तैयार हो चुके हैं। इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
रायपुर में बनेगी आधुनिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा
रायपुर में स्थापित होने वाली नई इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी भी महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके विकसित होने पर 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता तैयार होगी। इससे रेल इंजन के रखरखाव से जुड़ी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी बातें
- रावघाट रेल संपर्क: ताड़ोकी से रावघाट तक 17.5 किलोमीटर रेल लाइन पूरी हुई।
- नई यात्री सेवाएं: रायपुर-रावघाट और रायपुर-कुरूद रेल सेवाएं शुरू हुईं।
- रेलवे बजट: वर्ष 2026-27 में प्रदेश को 7,470 करोड़ रुपये मिले।
- स्टेशन विकास: 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
नई रेल परियोजनाएं दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों को बड़े शहरों से जोड़ने में मदद करेंगी। बेहतर रेल संपर्क से बाजारों तक पहुंच आसान हो सकती है। साथ ही, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
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