Chhattisgarh में ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन के तहत तेजी से काम किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अब तक 8555 एकल ग्राम नल जल योजनाओं का संचालन और संधारण ग्राम पंचायतों को सौंप दिया है। इसके अलावा आने वाले दो वर्षों में हजारों नई योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री Arun Sao ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
हर घर जल योजना के विस्तार पर सरकार का फोकस
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 में 13,183 नई योजनाएं और 2027-28 में 7352 योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं समूह जल प्रदाय योजनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
सरकार के अनुसार प्रदेश के 7060 गांवों को ‘हर घर जल’ श्रेणी में शामिल किया जा चुका है, जिनमें से 6018 गांवों का सत्यापन पूरा हो चुका है। इसलिए छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन को ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए विशेष अभियान
ग्रीष्मकाल में जल संकट से निपटने के लिए सरकार ने कई स्तरों पर तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्रामीण इलाकों में खराब पड़े 19,807 हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई है। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में जलस्तर नीचे चला गया है, वहां राइजर पाइप बढ़ाने और नए ट्यूबवेल खोदने का कार्य जारी है।
इसी बीच अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जहां योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपने के साथ हर घर जल योजना का सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए।
जल गुणवत्ता और संरक्षण पर भी जोर
सरकार ने पाइपलाइन की नियमित जांच और जल गुणवत्ता परीक्षण को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया है ताकि जलजनित बीमारियों को रोका जा सके। इसके साथ ही जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के जल संकट से निपटने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा भी है।
नक्सल प्रभावित इलाकों में भी पहुंच रही पेयजल सुविधा
विभागीय अधिकारियों के अनुसार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में हैंडपंप, सौर ऊर्जा संचालित पंप और नल जल योजनाओं के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। वहीं नक्सल प्रभावित और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी सुरक्षित पेयजल पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके अलावा सरकार का दावा है कि छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन के जरिए ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में मिशन के विस्तार से हजारों गांवों को स्थायी पेयजल सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
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