CBSE भाषा नीति को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच चल रही असमंजस की स्थिति अब काफी हद तक साफ हो गई है। शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे छात्रों पर नई भाषा व्यवस्था लागू नहीं होगी। जिन छात्रों ने पहले से दो विदेशी भाषाओं का चयन किया है, वे 10वीं बोर्ड परीक्षा तक उसी विषय संयोजन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
भविष्य के बैचों पर लागू होगी नई व्यवस्था
सरकार के अनुसार, दो भारतीय भाषाएं पढ़ने की अनिवार्यता केवल उन छात्रों के लिए लागू होगी जो भविष्य में कक्षा 6 से नई शिक्षा व्यवस्था के तहत प्रवेश लेंगे। पहले से अध्ययनरत विद्यार्थियों को बीच सत्र में विषय बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे स्कूलों और छात्रों दोनों को राहत मिलेगी।
सरकार ने क्यों दी यह स्पष्टता?
शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि CBSE भाषा नीति में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रावधान पहले से मौजूद था, लेकिन इसे लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। इसी कारण अब आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया गया है ताकि छात्रों और अभिभावकों के मन में कोई संशय न रहे।
कितने छात्रों को मिलेगा फायदा?
हर वर्ष लगभग 24 लाख विद्यार्थी CBSE की 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं। इनमें केवल लगभग 30 हजार छात्र ऐसे हैं जिन्होंने दो विदेशी भाषाओं का विकल्प चुना है। ऐसे में यह राहत मुख्य रूप से महानगरों और शहरी क्षेत्रों के उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जिन्होंने पहले से अपना भाषा संयोजन तय कर रखा है।
मई 2026 के सर्कुलर के बाद बढ़ा था विवाद
मई 2026 में जारी किए गए सर्कुलर में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के अनुसार कक्षा 9 से तीन-भाषा फॉर्मूला लागू करने की बात कही गई थी। इसमें कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य बताया गया था। इसके बाद कई अभिभावकों और छात्रों ने इस फैसले पर सवाल उठाए और मामला न्यायालय तक पहुंच गया।
सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
नई व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत देने से इनकार किया था। अदालत ने इन मामलों को पहले से लंबित समान याचिकाओं के साथ जोड़ने का निर्देश दिया है। हालांकि सरकार की नई स्पष्टता के बाद मौजूदा छात्रों की चिंता काफी हद तक दूर हो गई है।
जल्द जारी होगा आधिकारिक आदेश
शिक्षा मंत्रालय जल्द ही विस्तृत आधिकारिक आदेश जारी करेगा, जिसमें CBSE भाषा नीति से जुड़े सभी प्रावधानों को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाएगा। इससे स्कूलों को नई व्यवस्था लागू करने और छात्रों को सही जानकारी देने में सुविधा होगी। CBSE भाषा नीति को लेकर जारी यह स्पष्टीकरण मौजूदा विद्यार्थियों के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें: पांवटा साहिब सीमा पर शांति, सुरक्षा कड़ी, निहंगों संग सकारात्मक वार्ता जारी
एलन मस्क संपत्ति में भारी गिरावट, ट्रिलियनेयर का रिकॉर्ड टूटा
पासपोर्ट नहीं, जानिए नागरिकता साबित करने के कानूनी दस्तावेज कौन से