बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे। उन्होंने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए। उन्होंने आयोजन समिति और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया।
- ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा हुई।
- धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया।
- रामलला दर्शन योजना से करीब 50 हजार श्रद्धालु लाभान्वित हुए।
- तीर्थ दर्शन योजना के तहत करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने यात्रा की।
धार्मिक कॉरिडोर से बढ़ेगा पर्यटन
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध प्रदेश है। यहां प्राचीन शिवालयों और देवी मंदिरों की लंबी परंपरा है। राज्य सरकार इन स्थलों के संरक्षण और संवर्धन पर लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में कार्य चल रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार की इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटन गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
रामलला और तीर्थ दर्शन योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा संबंध है। इसी भावना के तहत श्री रामलला दर्शन योजना संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या जाने का अवसर मिल रहा है।
अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए तीर्थ दर्शन योजना भी संचालित है।
इस योजना के तहत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को शामिल किया गया है। अब तक करीब 10 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं।
तीर्थ और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी प्रमुख पहल
- रामलला दर्शन योजना के तहत अयोध्या यात्रा की सुविधा।
- तीर्थ दर्शन योजना में 19 प्रमुख तीर्थ स्थल शामिल।
- शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर से जोड़ने की योजना।
- धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में काम।
बाबा कर्मेश्वर धाम की धार्मिक मान्यता
ग्राम कर्रा का बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की प्राचीन लोक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां स्थित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था।
जनश्रुतियों के अनुसार करीब नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी। इसके बाद से यहां भगवान शिव की पूजा की परंपरा चली आ रही है।
मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य वर्तमान में समिति द्वारा कराया जा रहा है। क्षेत्र की कई लोक मान्यताएं भी इस धार्मिक स्थल से जुड़ी हैं। इन परंपराओं ने मंदिर को स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान की है।
मां के नाम रोपा रुद्राक्ष का पौधा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने अपनी माता जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा लगाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी पौधरोपण किया।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा सहित बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में विकास कार्य जारी रहेंगे। सरकार धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ जरूरी सुविधाओं का विस्तार करेगी।
उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार जैसी सुविधाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना है।
कुल मिलाकर, कर्रा का धार्मिक आयोजन आस्था और विकास दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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