भोपाल में चर्चित Twisha Case लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कटारा हिल्स थाना पुलिस ने ट्विशा शर्मा के पिता को पत्र भेजकर आगाह किया है कि एम्स भोपाल में शव लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। इसके अलावा पुलिस ने कहा कि शव के डिकम्पोज होने की आशंका बढ़ रही है।
दरअसल ट्विशा शर्मा का शव पिछले नौ दिनों से एम्स भोपाल में रखा हुआ है और परिजन दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग पर अड़े हुए हैं।
पुलिस ने शव को लेकर क्या चेतावनी दी?
पुलिस द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया कि एम्स भोपाल में शव माइनस 6 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा गया है। वहीं दूसरी ओर लंबे समय तक शव सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है, जिसकी सुविधा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है।
हालांकि Twisha Case में पुलिस ने साफ किया कि उसे दोबारा पोस्टमॉर्टम से कोई आपत्ति नहीं है। इसलिए परिजनों से जल्द शव प्राप्त करने का आग्रह किया गया है ताकि शव खराब न हो।
पांच महीने की शादी और संदिग्ध मौत
ट्विशा शर्मा की मौत 11 मई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। इसी बीच परिजनों ने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। नतीजतन पुलिस ने दोनों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया।
खासतौर पर Twisha Case में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर विवाद और ज्यादा बढ़ गया, क्योंकि परिजनों ने एम्स भोपाल की रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया।
CBI जांच और दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग
इसके बाद परिजनों ने दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग उठाई। साथ ही मामले की जांच दिल्ली पुलिस या CBI से कराने की मांग भी तेज हो गई। इसी बीच राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की।
कुल मिलाकर Twisha Case अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मध्यप्रदेश के DGP से रिपोर्ट मांगी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिया आश्वासन
आज ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर CBI जांच के लिए भी पत्र लिखा जाएगा।
इसके अलावा Twisha Case में कोर्ट की अनुमति मिलने पर शव को सुरक्षित तरीके से दिल्ली AIIMS ले जाने की व्यवस्था भी राज्य सरकार करेगी। नतीजतन अब सभी की नजरें कोर्ट के फैसले और आगे की जांच पर टिकी हुई हैं।
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