Deepak Punia Statement: ‘पहलवानों के विरोध प्रदर्शन से करियर

Deepak Punia: विरोध प्रदर्शन पर दीपक पूनिया का बड़ा बयान, बोले- ‘कई पहलवानों का करियर हुआ प्रभावित’

भारतीय कुश्ती जगत एक बार फिर चर्चा में है। एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता पहलवान दीपक पूनिया ने हाल ही में ऐसा बयान दिया है, जिसने खेल जगत में नई बहस छेड़ दी है। दीपक ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए पहलवानों के लंबे विरोध प्रदर्शन और उसके बाद कुश्ती संघ में बनी अनिश्चितता का असर कई खिलाड़ियों के करियर पर पड़ा। उन्होंने यह भी माना कि इस पूरे घटनाक्रम से उनका खुद का प्रदर्शन और करियर भी प्रभावित हुआ।

दीपक पूनिया ने राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट जीतने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि 2023 के बाद कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं और ट्रेनिंग अवसर प्रभावित हुए। उनका कहना था कि खिलाड़ियों को विदेशों में होने वाले टूर्नामेंट में खेलने के पर्याप्त मौके नहीं मिले, जिसकी वजह से उनकी तकनीकी तैयारी और अनुभव पर असर पड़ा। दीपक ने साफ कहा कि लगातार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने से खिलाड़ी अपनी कमजोरियां पहचानते हैं और उनमें सुधार करते हैं, लेकिन जब मौके सीमित हो जाएं तो प्रदर्शन में गिरावट आना तय है।

दरअसल, 2023 में भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक समेत कई पहलवानों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के चलते भारतीय कुश्ती महासंघ को निलंबित कर दिया गया था और लंबे समय तक खेल गतिविधियां प्रभावित रहीं। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों पर भी इसका असर देखने को मिला।

जब दीपक पूनिया से पूछा गया कि वह खुद भी विरोध प्रदर्शन स्थल पर नजर आए थे, तो उन्होंने इस सवाल पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उनका बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे कई लोग विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक पर अप्रत्यक्ष तंज के रूप में देख रहे हैं।

दीपक पूनिया ने अपने हालिया प्रदर्शन को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने माना कि विश्व चैंपियनशिप में खराब प्रदर्शन का एक बड़ा कारण उन्हें अच्छे स्पैरिंग पार्टनर का न मिल पाना था। उनके मुताबिक, उच्च स्तर की तैयारी के लिए मजबूत अभ्यास साथी बेहद जरूरी होते हैं। उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा फोकस आगामी एशियाई खेलों पर है और वह 86 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपने सिल्वर मेडल का रंग बदलना चाहते हैं।

फिलहाल दीपक पूनिया के इस बयान ने भारतीय कुश्ती में चल रही बहस को फिर से गर्म कर दिया है। खेल प्रेमियों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस बयान पर अन्य पहलवानों या कुश्ती महासंघ की तरफ से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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