1 मई 2026 से देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी लागू हो गई है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलिंडर पर सीधे 993 रुपये का इजाफा किया गया है, जिसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 3071.50 रुपये हो गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है, जिससे आने वाले समय में खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं।
सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार यह फैसला वैश्विक ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कंपनियों का कहना है कि यह कदम एक संतुलित रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत आम घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की गई है। यही वजह है कि घरेलू एलपीजी सिलिंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के मुताबिक, कुल पेट्रोलियम उत्पादों में लगभग 80 प्रतिशत ऐसे हैं जिनकी कीमतों को स्थिर रखा गया है। इसमें पेट्रोल, डीजल और 14.2 किलो वाला घरेलू गैस सिलिंडर शामिल है, जिसका उपयोग देश के लगभग 33 करोड़ उपभोक्ता करते हैं। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले केरोसिन की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वहीं, विमानन क्षेत्र के लिए एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की घरेलू दरों को भी स्थिर रखा गया है, जिससे एयरलाइंस और यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से राहत मिल सके। हालांकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है।
तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि मूल्य वृद्धि केवल उन क्षेत्रों में की गई है, जिनकी खपत अपेक्षाकृत कम है और जो वैश्विक बाजार से सीधे प्रभावित होते हैं। कुल मिलाकर यह कदम आम जनता को राहत देते हुए औद्योगिक ईंधन की कीमतों को वैश्विक स्तर के अनुरूप बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।