आम आदमी पार्टी में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच Raghav Chadha ने बड़ा दावा करते हुए उन नामों का खुलासा किया है, जो जल्द ही पार्टी छोड़ सकते हैं। चड्ढा का इस्तीफा केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्यसभा में AAP की स्थिति के लिए बड़ा झटका समझा जा रहा है। उनके साथ Ashok Kumar Mittal और Sandeep Pathak पहले ही पार्टी से अलग होने का फैसला कर चुके हैं।
चड्ढा ने प्रेस वार्ता में कहा कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और अब वैचारिक रूप से कमजोर हो गई है। उन्होंने खुद को “गलत पार्टी में सही आदमी” बताते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भरोसा जताया और भाजपा में शामिल होने का संकेत दिया।
सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस दावे को लेकर है, जिसमें उन्होंने कहा कि राज्यसभा में पार्टी के दो-तिहाई सांसद उनके संपर्क में हैं। अगर ऐसा होता है, तो ‘दल-बदल विरोधी कानून’ के तहत यह एक वैध विलय माना जा सकता है। चड्ढा के मुताबिक, इस संभावित सूची में Swati Maliwal, Harbhajan Singh और Rajendra Gupta जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
राघव चड्ढा खुद AAP के युवा और प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते रहे हैं। Arvind Kejriwal के करीबी सहयोगी के रूप में उन्होंने पार्टी की रणनीति और विस्तार में अहम भूमिका निभाई। वहीं Ashok Kumar Mittal एक प्रमुख उद्योगपति पृष्ठभूमि से आते हैं और हाल ही में राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाए गए थे।
Sandeep Pathak को पार्टी के जमीनी संगठन को मजबूत करने का श्रेय दिया जाता रहा है, खासकर पंजाब में। दूसरी ओर, Harbhajan Singh ने खेल जगत से राजनीति में कदम रखा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी पहचान बनाई।
इसके अलावा Vikramjit Singh Sahney का नाम भी इस संभावित बदलाव में सामने आया है। वे शिक्षा और सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं और 2022 में राज्यसभा पहुंचे थे।
इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ AAP के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर किया है, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी नए समीकरण बनने के संकेत दे दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इन दावों में कितनी सच्चाई है और आने वाले दिनों में यह सियासी हलचल किस दिशा में आगे बढ़ती है।