छत्तीसगढ़ में जनसंख्या संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 में 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों की हिस्सेदारी बढ़कर 10.5 प्रतिशत हो गई है, जो वर्ष 2011 की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है।
यह बदलाव राज्य के जनसांख्यिकीय स्वरूप में परिवर्तन का संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक ओर जीवन प्रत्याशा में वृद्धि और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का परिणाम है, वहीं दूसरी ओर शासन के लिए नई चुनौतियों को भी सामने लाता है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वृद्धजन अनुपात में वृद्धि के साथ-साथ उनकी देखभाल, दीर्घकालिक स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की आवश्यकता भी बढ़ेगी। वर्ष 2021 में जहां वृद्ध निर्भरता अनुपात 138 था, वह 2026 में बढ़कर 157 तक पहुंच गया है।
राज्य में किशोर और युवा वर्ग की स्थिति पर भी आंकड़े सामने आए हैं। वर्ष 2026 में किशोरों की हिस्सेदारी लगभग 17.49 प्रतिशत और युवाओं की हिस्सेदारी 26.24 प्रतिशत आंकी गई है।
आर्थिक सर्वेक्षण में यह सुझाव दिया गया है कि राज्य को वृद्धजनों के लिए जेरियाट्रिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पेंशन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और उनके अनुकूल आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देना होगा।