अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर में आयोजित ‘आज की नारी अवार्ड एंड कॉन्क्लेव’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल Ramen Deka शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कला, साहित्य, शिक्षा, राजनीति, युवा कल्याण, उद्यमिता, फिल्म, लोककला और महिला उत्थान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और समाज की गुमनाम नायिकाओं को सम्मानित करना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने बताया कि महिला दिवस के अवसर पर लोक भवन में भी उन महिलाओं को सम्मानित किया गया, जो समाज की अंतिम पंक्ति में रहते हुए अपने समर्पण और परिश्रम से देश के विकास में योगदान दे रही हैं।
उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मचारियों के रूप में कार्य कर रही महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि ये महिलाएँ समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं के बिना सृष्टि की कल्पना अधूरी है। माँ, बहन, पत्नी और बेटी के रूप में महिलाएँ परिवार को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
राज्यपाल रमेन डेका ने माताओं के त्याग और समर्पण को सबसे बड़ा योगदान बताते हुए कहा कि माताएँ अपने बच्चों के भविष्य के लिए जीवन भर समर्पित रहती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ अधिक समय बिताएँ और उनके अनुभवों से सीख लें।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। चाहे रक्षा क्षेत्र हो, अंतरिक्ष मिशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल या प्रशासन—हर जगह महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। संघ लोक सेवा आयोग के हालिया परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश के लिए गर्व की बात है।
राज्यपाल ने कहा कि आज की नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की एक मजबूत शक्ति बनकर उभरी है। छत्तीसगढ़ की धरती भी महिला शक्ति की प्रेरणादायक कहानियों से समृद्ध है, जहाँ महिलाएँ अपने साहस, मेहनत और आत्मविश्वास से समाज को नई दिशा दे रही हैं।