छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने एक इंटरव्यू में बड़ा आरोप लगाया। वरिष्ठ वकील और सांसद Kapil Sibal के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बघेल ने दावा किया कि उन्हें दिल्ली बुलाकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का परोक्ष दबाव बनाया गया था।
बघेल के अनुसार, उन्हें चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया था, जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah से हुई। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में बातचीत औपचारिक लगी, लेकिन बाद में उनके और उनके करीबियों के खिलाफ चल रहे मामलों का जिक्र किया जाने लगा और मदद का संकेत दिया गया।
पूर्व सीएम का दावा है कि बातचीत के दौरान इशारों-इशारों में भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव समझाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विपक्ष में हैं और सरकार की नीतियों की आलोचना करना उनका लोकतांत्रिक दायित्व है। बघेल ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने किसी प्रकार की प्रतिबद्धता नहीं दी, तो कुछ ही समय बाद उनके परिजनों और सहयोगियों के यहां केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई शुरू हो गई।
उन्होंने यह भी कहा कि एक मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर छापों को लेकर सवाल उठाया, जिस पर अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, उनके अनुसार, छापों का सिलसिला जारी रहा।
इन आरोपों के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में नई बहस छिड़ गई है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।