भागीरथपुरा दूषित पानी कांड: 30 मौतें, फिर भी नहीं मिला साफ पानी

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल कांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बीते 30 दिनों में इस त्रासदी के कारण 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग बीमार पड़े। हैरानी की बात यह है कि घटना को एक महीना बीत जाने के बावजूद आज भी पूरी बस्ती तक साफ और सुरक्षित पानी नहीं पहुंच पाया है।

कैसे हुआ दूषित पानी कांड का खुलासा?

29 दिसंबर को भागीरथपुरा के 20 से अधिक लोग गंभीर हालत में निजी अस्पतालों में भर्ती हुए। जब क्षेत्रीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय अस्पताल पहुंचे, तब पहली बार यह सामने आया कि बीमारी की जड़ दूषित नर्मदा जल आपूर्ति है।
30 दिसंबर को पहली मौत दर्ज हुई, जिसके बाद मामले की भयावहता उजागर हुई।

30 साल पुरानी पाइपलाइन बनी मौत की वजह

जांच में सामने आया कि बस्ती की पानी की पाइपलाइनें 30 साल से अधिक पुरानी और जर्जर थीं। बीते दो महीनों में इलाके से गंदे पानी की सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन नगर निगम अधिकारियों ने उन्हें नजरअंदाज किया।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि नर्मदा जल लाइन के ऊपर पुलिस चौकी का शौचालय बना दिया गया था, जिससे मल-मूत्र सीधे पाइपलाइन में रिसता रहा। जब मौतों का सिलसिला शुरू हुआ, तब जाकर शौचालय तोड़ा गया और जांच में 30 से ज्यादा लीकेज पाए गए।

जांच हुई, लेकिन आपराधिक कार्रवाई नहीं

मामले के तूल पकड़ने के बाद कई अधिकारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई—

जोनल अधिकारी और सहायक यंत्री निलंबित

पीएचई उपयंत्री की सेवाएं समाप्त

नर्मदा प्रोजेक्ट के वरिष्ठ अधिकारी और निगमायुक्त का तबादला

हालांकि, अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ, जबकि केस कोर्ट में विचाराधीन है और न्यायिक आयोग जांच कर रहा है।

अभी भी साफ पानी से वंचित बस्ती

भागीरथपुरा की केवल 30% आबादी तक नई नर्मदा लाइन पहुंच पाई है। कई इलाकों में आज भी टैंकरों के सहारे पानी वितरित किया जा रहा है। 1500 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं और कुछ मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।

राजनीतिक और राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर एक-एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की। कोर्ट ने राज्य सरकार से साफ पूछा है—
“इस भीषण लापरवाही का जिम्मेदार कौन है?”

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