वैश्विक बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग के चलते सोना और चांदी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। सर्राफा बाजार में गिरावट के तमाम अनुमान गलत साबित होते दिख रहे हैं। सोमवार को कारोबारी सत्र की शुरुआत के साथ ही चांदी ने इतिहास रच दिया और पहली बार ₹3 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गई, वहीं सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर जा पहुंचा।
MCX पर चांदी ने बनाया नया इतिहास
एमसीएक्स (MCX) पर चांदी के मार्च वायदा भाव में जोरदार तेजी देखने को मिली। चांदी करीब ₹13,550 यानी 5 फीसदी से ज्यादा उछलकर ₹3,01,315 प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह अब तक का सबसे ऊंचा भाव है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है।
जनवरी में चांदी ₹65 हजार से ज्यादा महंगी
2025 में शानदार तेजी के बाद 2026 की शुरुआत भी चांदी के लिए ऐतिहासिक रही है। जनवरी महीने में अब तक चांदी की कीमत ₹65,614 प्रति किलो बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को जहां चांदी ₹2,35,701 प्रति किलो थी, वहीं अब यह ₹3,01,315 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
सोने की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल
सोना भी तेजी की दौड़ में पीछे नहीं रहा। एमसीएक्स पर फरवरी वायदा सोना पिछले सत्र में ₹1,42,517 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को कारोबार शुरू होते ही यह ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यानी एक ही सत्र में करीब ₹3,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
साल की शुरुआत से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,35,804 थी। मौजूदा स्तर पर सोना अब तक ₹9,696 प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो चुका है।
सोना-चांदी में तेजी की मुख्य वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ धमकी से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ी है। इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सीधा फायदा सोने और चांदी की कीमतों को मिल रहा है, जिससे दोनों धातुएं रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं।