छत्तीसगढ़ से जुड़े महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में एजेंसी ने 91 करोड़ 82 लाख रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।
जांच में सामने आया है कि अवैध सट्टेबाजी से अर्जित भारी रकम को दुबई स्थित कंपनियों और विदेशी बैंक खातों के जरिए घुमाया गया। इस राशि को वैध निवेश के रूप में दिखाने के लिए जटिल वित्तीय लेन-देन किए गए। इसी क्रम में ED ने दो कंपनियों के बैंक खातों में जमा करीब 74 करोड़ रुपये फ्रीज किए हैं, जिनका सीधा संबंध महादेव ऐप के प्रमोटरों और उनके नजदीकी सहयोगियों से बताया जा रहा है।
इसके अलावा, जांच एजेंसी ने गगन गुप्ता और उनके परिवार से जुड़ी लगभग 17.50 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां भी कुर्क की हैं। ED के अनुसार, ये संपत्तियां नकद में किए गए अवैध सट्टे से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। गगन गुप्ता को एक बड़े ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े प्रभावशाली व्यक्ति का करीबी माना जा रहा है।
महादेव सट्टा मामले की जांच लगातार तेज की जा रही है। अब तक देशभर में 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है, जहां से महत्वपूर्ण डिजिटल डिवाइस, बैंकिंग दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड बरामद हुए हैं। इन साक्ष्यों से सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पुष्टि हुई है।
ED के मुताबिक, इस केस में अब तक 2,600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त, सीज या अटैच की जा चुकी हैं। साथ ही, 13 लोगों की गिरफ्तारी, 74 कंपनियों को आरोपी और 5 अभियोजन शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।