छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को और प्रभावी बनाने की तैयारी कर ली है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को इस संबंध में विस्तृत परिपत्र जारी किया है।
SUDA ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी नगरीय निकायों को सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ की गई कार्रवाई की मासिक रिपोर्ट स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के मिशन संचालक को प्रस्तुत करनी होगी।
परिपत्र में कहा गया है कि स्वच्छता दीदियों के माध्यम से डोर-टू-डोर अभियान चलाकर नागरिकों को सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्पों के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही व्यावसायिक क्षेत्रों, साप्ताहिक बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख चौक-चौराहों पर विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
SUDA ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर आर्थिक दंड लागू करने, गैर सरकारी संगठनों (NGOs), रहवासी कल्याण संघों (RWAs) और स्वसहायता समूहों की सहभागिता से घर-घर जागरूकता अभियान संचालित करने पर भी जोर दिया है। इसके अलावा शासकीय व अर्धशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक उपक्रमों में कर्मचारियों व विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
परिपत्र के अनुसार, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध से जुड़े सभी कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार स्थानीय मीडिया और नगरीय निकायों के सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक और वेस्ट-टू-आर्ट जैसी गतिविधियों के आयोजन से बच्चों को भी पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की पहल की जाएगी।