बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा की लपटें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। युवा नेता शरिफ उस्मान हादी की हत्या के कुछ ही दिनों बाद दक्षिण-पश्चिमी शहर खुलना में एक और छात्र नेता पर जानलेवा हमला किया गया। अज्ञात हमलावरों ने मोतालेब सिकदर को सिर में गोली मार दी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मोतालेब सिकदर नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) से जुड़े प्रमुख युवा नेता हैं। वह पार्टी के खुलना डिवीजन प्रमुख होने के साथ-साथ वर्कर्स फ्रंट के केंद्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। एनसीपी की जॉइंट प्रिंसिपल कोऑर्डिनेटर महमूदा मिटू ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस हमले की जानकारी दी, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।
यह वारदात ऐसे समय सामने आई है जब देश अभी भी शरिफ उस्मान हादी की हत्या के सदमे से उबर नहीं पाया है। 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने हादी को सिर में गोली मार दी थी। इलाज के लिए सिंगापुर ले जाए गए 32 वर्षीय हादी की वहां उपचार के दौरान मौत हो गई। वह फरवरी में प्रस्तावित आम चुनाव में उम्मीदवार भी थे और युवाओं के बीच उनकी मजबूत लोकप्रियता थी।
हादी की हत्या के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने देशभर में शोक दिवस घोषित किया था और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके, सिकदर पर हुए ताजा हमले ने सरकार की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं बांग्लादेश में अस्थिरता को और बढ़ा सकती हैं। ढाका सहित कई बड़े शहरों में पहले ही हिंसक प्रदर्शन देखे जा चुके हैं और अब खुलना की यह घटना संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, खासकर तब जब देश चुनावी प्रक्रिया की ओर बढ़ रहा है।