छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के धरमनगर इलाके में हनुमान प्रतिमा को क्षति पहुंचाए जाने की घटना ने शहर में तनाव का माहौल पैदा कर दिया था। इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। टिकरापारा थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने विशेष जांच अभियान चलाकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह घटना अचानक नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई। घटना के तुरंत बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय निवासियों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कारोबारी अरिहंत पारख, मोहित कुमार लखेर, गणेश कुर्रे, भूपेश केवट और जेसीबी चालक मेहराब खान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया था, जिसे जब्त कर लिया गया है।
मामले में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि आरोपी मोहित कुमार लखेर ने घटना के समय खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। इस गंभीर कृत्य को देखते हुए उसके खिलाफ अतिरिक्त कानूनी धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयास मौके की स्थिति को प्रभावित करने और जांच को भटकाने के उद्देश्य से किया गया था।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश या अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता तो नहीं है।
इस पूरे मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ प्रशासन पूरी सख्ती से पेश आएगा। स्थानीय नागरिकों ने भी शांति बनाए रखने में सहयोग किया, जिससे स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सका।
फिलहाल जांच जारी है और पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और समाज में सौहार्द बना रहे।