Airbus A320 Software Glitch: 6000 विमानों की रिकॉल कार्रवाई

एविएशन उद्योग में बड़ा झटका तब लगा जब यूरोप की विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने अपने लोकप्रिय A320 बेड़े के 6000 विमानों को तुरंत रिकॉल करने की घोषणा की। इस फैसले के बाद दुनिया भर में यात्रियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि कई एयरलाइन्स इन विमानों का संचालन करती हैं। भारत में इंडिगो और एयर इंडिया ने भी स्वीकार किया है कि उड़ानों में देरी और रद्द होने की स्थिति बन सकती है। दोनों कंपनियों ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपडेट लेने की अपील की है।

एयरबस ने बताया कि एक तकनीकी विश्लेषण के दौरान पता चला है कि उड़ान नियंत्रण प्रणाली के लिए जरूरी डेटा तीव्र सौर विकिरण (Solar Radiation) के संपर्क में आने पर प्रभावित हो सकता है। यह समस्या फ्लाइट कंट्रोल, नेविगेशन और नोज एंगल जैसे बेहद महत्वपूर्ण हिस्सों को प्रभावित कर सकती है, जो टेकऑफ़ और लैंडिंग के दौरान अत्यंत संवेदनशील होते हैं।

अक्टूबर में मैक्सिको से न्यू जर्सी जा रही जेटब्लू की फ्लाइट के भयानक हादसे के बाद मामला गंभीरता से सामने आया। अचानक ऊंचाई से गिरने के कारण कई यात्री घायल हो गए और विमान को फ्लोरिडा में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। इसी घटना की जांच के दौरान सोलर रेडिएशन से सॉफ्टवेयर डेटा डिस्टर्ब होने की संभावना सामने आई, जिसके बाद एयरबस ने तुरंत रिकॉल का निर्णय लिया।

A320 सीरीज के पुराने संस्करणों में ELAC (Elevator Aileron Computer) हार्डवेयर को बदलना होगा, जबकि नए मॉडलों में सॉफ्टवेयर अपडेट किया जाएगा। अधिकांश विमानों में यह प्रक्रिया कुछ घंटों में पूरी हो सकती है, लेकिन लगभग 1,000 विमानों को सुधार में कई सप्ताह लग सकते हैं।

फिलहाल दुनिया भर में लगभग 11,300 A320 विमान संचालित हैं, जिनमें से लगभग आधे प्रभावित बताए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एयरलाइनों को संचालन बनाए रखने के लिए अस्थायी बेड़े प्रबंधन में बदलाव करना पड़ सकता है, जिससे अनिश्चित समय तक उड़ानों में देरी और कैंसिलेशन की स्थिति बनी रह सकती है।

यात्रियों को यह सलाह दी गई है कि टिकट बुकिंग, बोर्डिंग और यात्रा समय से संबंधित जानकारी के लिए एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट, ईमेल या मोबाइल नोटिफिकेशन से अपडेट लेते रहें।

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