आईआईएम रायपुर में 60वें अखिल भारतीय डीजीपी–आईजीपी कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों और आधुनिक पुलिसिंग पर बेहद महत्वपूर्ण चर्चाओं के साथ शुरू हुआ। पूरे देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक की अगुवाई करते हुए भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दूसरे दिन कई राज्यों के पुलिस महानिदेशकों द्वारा प्रस्तुतीकरण दिए जा रहे हैं, जिनमें उभरते राष्ट्रीय खतरे, महिला सुरक्षा में तकनीक की भूमिका, साइबर अपराध, आतंकवाद रोधी रणनीतियाँ और पुलिस बलों के आधुनिकीकरण जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं। पुलिस प्रशासन के सामने मौजूद नए–युग की चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान आधारित जाँच, फॉरेंसिक तकनीक के अधिकतम उपयोग और जन आंदोलनों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के बेहतर तरीकों पर भी मंथन चल रहा है।
सम्मेलन की थीम इस वर्ष “विकसित भारत – सुरक्षित भारत” निर्धारित की गई है। छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने बस्तर 2.0 पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए मार्च 2026 में नक्सलवाद उन्मूलन के बाद बस्तर में विकास को गति देने की रूपरेखा साझा की। साथ ही आईबी के विशेष निदेशक ने आंतरिक सुरक्षा विज़न – 2047 का खाका प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 8:15 बजे आईआईएम रायपुर पहुँचे और लगातार बारह घंटे तक चलने वाली विभिन्न बैठकों में भाग ले रहे हैं। दिनभर चलने वाली चर्चाओं में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, नक्सलवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गहन विमर्श किया जाएगा। देर शाम पीएम मोदी स्पीकर हाउस पहुँचेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे।
सम्मेलन में भाग लेने वाले अधिकारियों के लिए शहर में विशेष आवास व्यवस्था की गई है। पीएम के लिए एम–1 और गृह मंत्री अमित शाह के लिए एम–11 आरक्षित है, जबकि एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए, आईबी प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को नए सर्किट हाउस में ठहराया गया है। कुल मिलाकर 33 राज्यों के डीजीपी, पैरामिलिट्री अधिकारियों और लगभग 75 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को रायपुर में ठहराया गया है।
यह सम्मेलन भारत की सुरक्षा प्रणाली को और अधिक सशक्त, तकनीक आधारित और भविष्य–उन्मुख बनाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।