दक्षिण अफ्रीका में पहली बार आयोजित हो रहे ऐतिहासिक G20 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी उपस्थिति से कूटनीति को नई दिशा दी। जोहानिसबर्ग में पहुंचने पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सम्मेलन में पीएम मोदी ने कई वैश्विक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की, जिसमें आर्थिक साझेदारी, जलवायु संरक्षण और विकासशील देशों को राहत जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल रहे।
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की गैरमौजूदगी वैश्विक राजनीति का बड़ा संकेत मानी जा रही है। ट्रंप द्वारा दक्षिण अफ्रीका की नीतियों पर लगाए आरोपों के बाद अमेरिका के बहिष्कार ने कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका ने गरीब और जलवायु-संकटग्रस्त देशों के लिए वित्तीय सहायता, ऋण राहत और हरित ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दों पर वैश्विक एकजुटता की अपील की। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप की अनुपस्थिति पर खेद जताते हुए कहा कि विश्व संकट के दौर में सहयोग ही समाधान है।
कूटनीतिक मतभेदों के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सदस्य देश एक साझा घोषणापत्र पर सहमति बना पाएंगे। यह समिट अफ्रीका और अन्य विकासशील देशों की आवाज को मजबूती से उठाने का एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।