अंबिकापुर शहर में नशीली दवाओं के विरुद्ध एक बड़ी सफलता मिली है।
आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा ने बुधवार देर रात 2413 प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन जब्त कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया।
मुख्य आरोपी देवेंद्र सिंह फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
मणिपुर थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई
सूचना मिली थी कि एक सफेद हुंडई वरना कार से इंजेक्शन सप्लाई किया जा रहा है।
आबकारी टीम ने सुंदरपुर वेयरहाउस के पास छापेमारी की।
मौके से गंगाराम मुंडा नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जबकि दूसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
पूछताछ में सामने आया मास्टरमाइंड का नाम
गिरफ्तार गंगाराम ने बताया कि मुख्य आरोपी देवेंद्र सिंह, लखनपुर के लहपटरा गांव का निवासी है।
पूरी खेप और गाड़ी उसी की थी, जबकि वह सिर्फ सप्लाई करता था।
देवेंद्र इस रैकेट का मुख्य संचालक है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है।
गंगाराम को NDPS एक्ट की धारा 22(C) के तहत गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय में पेश किया गया।
कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
कार्रवाई का नेतृत्व सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने किया।
युवाओं में बढ़ रही नशे की लत चिंता का विषय
रंजीत गुप्ता ने बताया कि युवा वर्ग इन इंजेक्शनों का नशे के रूप में उपयोग कर रहा है।
यह इंजेक्शन तय कीमत से कई गुना अधिक दरों पर बेचे जा रहे हैं।
अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में इंजेक्शन कहां से लाए गए।